• search

आर्थिक पैकेज को अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी

|

कांग्रेस ने आर्थिक पैकेज को दी मंज़ूरी

अमरीकी संसद की प्रतिनिधि सभा ने देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा के 825 अरब डॉलर के पैकेज को मंज़ूरी दे दी है.

इस पैकेज के समर्थन में 244 वोट पड़े जबकि इसके ख़िलाफ़ 188 मत डाले गए. रिपब्लिकन पार्टी ने इस योजना का यह कहते हुए विरोध किया कि योजना अत्यंत मंहगी और यह सफल नहीं होगी. इस योजना को सीनेट की मंज़ूरी मिलनी बाकी है जहां डेमोक्रेट पार्टी को क्षीण बहुमत है.

मतदान के बाद राष्ट्रपति ओबामा ने कांग्रेस से अपील की कि वो योजना का विरोध न करें और सीनेट में भी इसे पारित करने में मदद करें.

राष्ट्रपति का कहना था कि इस योजना से अमरीकी व्यवसाय के लिए बेहतर माहौल तैयार हो सकेगा. सीनेट में पारित होने के बाद राष्ट्रपति इस पर हस्ताक्षर करेंगे जिसके बाद यह योजना क़ानून में तब्दील हो जाएगी.

योजना के तहत लोगों और व्यवसाय के टैक्सों में क़रीब 275 अरब डॉलर की कटौती की जाएगी जबकि सड़क, पुल निर्माण और रोज़गार के नए अवसर पैदा करने, निवेश, नई प्रौद्योगिकी और स्कूलों के पुनर्निर्माण के लिए 540 अरब डॉलर की राशि खर्च की जाएगी.

वाशिंगटन में बीबीसी संवाददाता रिचर्ड लिस्टर का कहना है कि अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने के लिए कैसे शुरुआत की जाए इस मुद्दे पर दोनों ही दलों के विचार बिल्कुल अलग हैं और अब इस बहस ने सांसदों को पूरी तरह बांट दिया हैं.

बात यहां तक पहुंची कि प्रतिनिधि सभा में बहस के दौरान एक रिपब्लिकन सांसद ने आर्थिक पैकेज की निंदा करते हुए इसे सरकार की फ़िज़ूलखर्ची क़रार दिया और कहा कि इससे रोज़गार के नए अवसर कतई पैदा नहीं होंगे.

रिपब्लिकन सांसदों ने अपनी ओर से विधेयक पेश करने की कोशिश की जिसमें टैक्स कटौती पर अधिक ध्यान देने की बात कही गई थी. हालांकि प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट सांसदों की संख्या अत्यधिक होने के कारण रिपब्लिकन सांसदों की एक न चली.

प्रतिनिधि सभा में मतदान से पहले ओबामा ने कहा था कि लोग चाहते हैं कि नेतागण ''निर्भीक और त्वरित '' कार्रवाई करें. उन्होंने व्यवसायियों से आह्वान किया कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में जो क़दम उठाए हैं उसमें वो रोज़गार के नए अवसर पैदा कर अपना योगदान करें.

राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि आर्थिक पैकेज को सीनेट में भी मंज़ूरी मिल जाएगी.

उन्होंने आर्थिक संकट के लिए वाल स्ट्रीट और पूर्व अमरीकी सरकरा के ''गैर ज़िम्मेदाराना बर्ताव'' को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि अमरीका को अपने कामगारों की ज़िम्मेदारी लेनी होगी और इस समय वाशिंगटन को इस योजना के ज़रिए नेतृत्व दर्शाने की ज़रुरत है.

राष्ट्रपति ने कहा कि इस पैकेज के अधिकतर पैसे का इस्तेमाल ''तुरंत '' किया जाएगा और रोज़गार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे. साथ ही निजी क्षेत्र में जवाबदेही तय की जाएगी.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more