• search

'भारत सभी तरह के आतंकवाद के ख़िलाफ़'

Subscribe to Oneindia Hindi
pranab mukherjee

श्रीलंका के हालात पर चर्चा के लिए भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी कोलंबो जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि 'भारत एलटीटीई के ख़िलाफ़ है.'भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने ये विचार मंगलवार को व्यक्त किए. वे दो दिन की यात्रा पर श्रीलंका जा रहे हैं.

अपनी इस यात्रा से पहले मंगलवार को दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मुखर्जी ने कहा कि वे श्रीलंकाई सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच चल रहे संघर्ष से उपजे ताज़ा हालात पर श्रीलंका की सरकार से चर्चा करेंगे.

उन्होंने कहा, "इस संघर्ष में हमें आम नागिरक की सुरक्षा का ध्यान रखना होगा और देखना होगा कि वे इस संकट के शिकार न बनें." मुखर्जी ने कहा, "हम सभी प्रकार के आंतकवाद के ख़िलाफ़ हैं. हमारी संवेदना किसी भी ऐसे गुट के साथ नहीं है जो आतंकवादी गतिविधि में लिप्त हैं, विशेष रूप से एलटीटीई, जो भारत में प्रतिबंधित है."

रविवार को श्रीलंका सेना ने तमिल विद्रोहियों के महत्वपूर्ण ठिकाने मुलईतिवु पर क़ब्ज़ा कर लिया था.

राजनीतिक समाधान

 इस संघर्ष में हमें आम नागिरक की सुरक्षा का ध्यान रखना होगा और देखना होगा कि वे इस संकट के शिकार ना बनें...हम सभी प्रकार के आंतकवाद के ख़िलाफ़ हैं. हमारी संवेदना किसी भी ऐसे गुट के साथ नहीं है जो आतंकवादी गतिविधि में लिप्त हैं   विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी

 इस संघर्ष में हमें आम नागिरक की सुरक्षा का ध्यान रखना होगा और देखना होगा कि वे इस संकट के शिकार ना बनें...हम सभी प्रकार के आंतकवाद के ख़िलाफ़ हैं. हमारी संवेदना किसी भी ऐसे गुट के साथ नहीं है जो आतंकवादी गतिविधि में लिप्त हैं

इस बात की संभावना जताई जा रही है कि मुखर्जी तमिल विद्रोहियों के संघर्ष के राजनीतिक समाधान के बारे में श्रीलंकाई सरकार से चर्चा करेंगे.

भारत सरकार कहती रही है कि तमिल विद्रोहियों पर सैन्य कार्रवाई के ज़रिए काबू पाने की नीति से इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं पाया जा सकता है.

इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि और राज्य की अन्य राजनीतिक पार्टियों ने इस बात पर ज़ोर दिया था कि भारत के विदेश मंत्री श्रीलंका जा कर राजपक्षे सरकार पर संघर्षविराम का दबाव डाले.

इसके पहले सरकार ने विद्रोहियों की प्रशासनिक राजधानी माने जानेवाले किलिनोची शहर पर भी कब्ज़ा कर लिया था. तमिल विद्रोही पिछले 25 वर्षों से अलग राष्ट्र की माँग करते आए हैं. इस दौरान हुई हिंसा में अब तक करीब 70 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more