गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

भारत के गणतंत्र दिवस के मौक़े पर केंद्र सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं. इस दौरान रक्षा मंत्री एके एंटोनी प्रधानमंत्री के दायित्व को संभालेंगे.
गृह मंत्रालय ने राज्यों के साथ साथ जनता को भी सतर्क रहने को कहा है. गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और जनता से अपील की है कि वे गणतंत्र दिवस पर सतर्कता बनाए रखें.
इस मौके पर राजधानी दिल्ली सहित पूर्वोत्तर राज्यों और भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में ख़ास एहतियात बरती जा रही है. राजधानी दिल्ली में राजपथ पर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल सलामी लेकर समारोह की शुरुआत करेंगी.
रक्षा मंत्री सोमवार को गणतंत्र दिवस पर परेड शुरू होने से पूर्व इंडिया गेट पर स्थित अमर जवान ज्योति श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और गणतंत्र दिवस के सभी कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री का भूमिका का दायित्व संभालेंगे रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता
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दिल्ली में परेड क्षेत्र और राजपथ के आसपास के सभी रास्तों को पुलिस ने अपनी निगरानी में ले लिया है.
परेड के रूट पर सोमवार सुबह से दोपहर तक के लिए आवागमन बंद रहेगा. राजधानी में जगह-जगह पर नाकेबंदी की गई है. सीमावर्ती राज्यों से राजधानी क्षेत्र में प्रवेश कर रहे सभी वाहनों की तलाशी ली जा रही है.
दिल्ली के कई रास्तों पर सोमवार को दोपहर बाद तक के लिए आम यातायात बंद रखा जाएगा और दोपहर तक के लिए मैट्रो रेलों के आवागमन को भी रोक दिया गया है.
एंटनी निभाएँगे दायित्व
दूसरी ओर गणतंत्र दिवस के मौके पर रक्षामंत्री एके एंटनी प्रधानमंत्री के दायित्वों को निभाएंगे. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस समय अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी बाईपास सर्जरी हुई है.
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीतांशु कार ने शनिवार को बताया कि रक्षा मंत्री सोमवार को गणतंत्र दिवस पर परेड शुरू होने से पूर्व इंडिया गेट पर स्थित अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और गणतंत्र दिवस के सभी कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री की भूमिका संभालेंगे.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अनुपस्थिति में एंटनी राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और इस वर्ष के गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि क़जाक़स्तान के राष्ट्रपति नूर सुल्तान का स्वागत करेंगे.
उल्लेखनीय है कि इस बार क़ज़ाक़स्तान के राष्ट्रपति नूरसुल्तान गणतंत्र दिवस के मौक़े पर मुख्य अतिथि हैं. शनिवार को जब क़ज़ाक़ राष्ट्रपति का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक रूप से स्वागत किया गया तो प्रोटोकॉल के मुताबिक उनकी अगुवानी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को करनी थी.
ऐसे में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के साथ उनकी अगुवाई विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी ने की.


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