अफ्गानिस्तान: अमरीकी कार्रवाई में 15 की मौत

अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी प्रांत लग़मान में अमरीकी की अगुआई वाली सेना की कार्रवाई में कम से कम 15 लोग मारे गए हैं. अमरीका ने इन्हें चरमपंथी बताया है.
मरने वालों में एक महिला भी है. लेकिन अमरीकी सेना का दावा है कि मारे गए सभी लोग चरमपंथी थे और इन्होंने सेना पर गोलियाँ चलाईं.
सेना के मुताबिक़ मेहतर लैम के एक परिसर को सेना ने घेर लिया था लेकिन इन लोगों ने सैनिकों पर गोलियाँ चलानी शुरू कर दी. जवाबी गोलीबारी में 11 लोग मारे गए जबकि सैनिकों की मदद के लिए पहुँची वायु सेना की कार्रवाई में चार अन्य लोग मारे गए.
'पुष्टि नहीं'
हालाँकि लग़मान की प्रांतीय परिषद के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि मारे गए लोगों में आम नागरिक भी थे. अभी तक स्वतंत्र रूप से किसी भी पक्ष के दावे की पुष्टि नहीं हो पाई है.
पिछले सप्ताह अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने एक बार फिर अमरीकी और नैटो सैनिकों से अपील की थी कि वे कार्रवाई के दौरान ये कोशिश करें कि आम नागरिक कम हताहत हों.
शनिवार की सुबह अमरीकी सैनिकों ने मेहतर लैम में एक परिसर को घेर लिया. ये इलाक़ा राजधानी काबुल से 60 किलोमीटर पूरब में स्थित है.
माना जा रहा था कि इस परिसर में एक तालेबान कमांडर मौजूद है. अमरीकी सेना का कहना है कि उसके सैनिकों पर हमला हुआ और उन्होंने भी जवाबी कार्रवाई की. जिसमें 15 चरमपंथी मारे गए.
दावा
मरने वालों में एक महिला भी है. अमरीकी सेना का कहना है कि ये महिला एक ग्रेनेड लांचर के साथ वहाँ मौजूद थी. कर्नल ग्रेग जुलियन ने बताया, "जो लोग मारे गए हैं, वे इधर-उधर भाग रहे थे और हमारे सैनिकों पर हमला कर रहे थे. हमने उन्हें मार डाला."
हालाँकि लग़मान प्रांतीय परिषद के प्रमुख हामिदिदान अब्दुल रहमज़ई ने अमरीकी सेना के दावे को ग़लत ठहराते हुए कहा है कि जो लोग मारे गए हैं, वे निर्दोष नागरिक हैं और मारे गए लोगों में कई महिलाएँ और बच्चे हैं.
तालेबान ने भी इससे इनकार किया है कि उसके लड़ाके मारे गए हैं. प्रांतीय गवर्नर का कार्यालय यह पुष्टि नहीं कर पाया है कि वहाँ क्या हुआ. लेकिन घटना की जाँच के लिए एक टीम भेजी गई है.
अमरीकी सेना इस बात पर ज़ोर देती है कि वह कार्रवाई के दौरान आम नागरिकों की मौत न हो, इसकी हरसंभव कोशिश करती है.


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