अमेरिकाः गर्भपात के लिए अनुदान बंद

concert fora

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बुश प्रशासन की एक और नीति को पलटते हुए गर्भपात की सेवाएँ दे रही संस्थाओं को अनुदान पर लगी रोक हटा ली है.

जॉर्ज बुश के उस क़ानून को 'ग्लोबल गैग रूल' कहा जाता था और इसके अनुसार अमरीकी सरकार का पैसा उन संस्थाओं को नहीं दिया जा सकता था जो गर्भपात करवाने में सक्रिय हों या उसके बारे में जानकारी उपलब्ध करवाती हों.

चूंकि अमरीकी दुनिया भर में परिवार नियोजन कार्यक्रमों के लिए सहायता उपलब्ध करवाता है, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का कहना है कि बुश की इस नीति का बुरा असर पड़ा था. हालांकि गर्भपात विरोधियों रोक हटाने के बराक ओबामा के फ़ैसले की निंदा की है.

राष्ट्रपति ओबामा के इस फ़ैसले से सैकड़ों सहायता एजेंसियों पर असर पड़ेगा.

संवाददाताओं का कहना है कि इससे पहले तक दुनिया के ग़रीब देशों में काम कर रही सैकड़ों एजेंसियाँ संकट में थीं. उनके सामने दो ही विकल्प थे, या तो 'गैग रूल' पर हस्ताक्षर करो और गर्भपात पर चुप हो जाओ और दूसरा यह कि इससे इनकार करो और लाखों डॉलर का अनुदान गया हाथ से.

बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता रिचर्ड लिस्टर का कहना है कि बराक ओबामा ने गर्भपात संबंधी क़ानून को पलटने के आदेश पर हस्ताक्षर मीडिया के तामझाम के बिना किया है और इससे साफ़ होता है कि यह मसला कितना विवादास्पद है.

गर्भपात पर बराक ओबामा का यह फ़ैसला पहला फ़ैसला नहीं है जो बुश की नीतियों को पलट रहा है. इसकी शुरुआत उन्होंने ग्वांतानामो बे के क़ैदियों पर चल रहे मुक़दमो की सुनवाई रोकने से की और फिर ग्वांतानामो बे के बंदीगृह को बंद करने का आदेश दिया था. उन्होंने स्टेम सेल शोध के लिए धनराशि देने पर प्रतिबंध लगाने के बुश प्रशासन के फ़ैसले को भी पलटने के संकेत दिए हैं.

बड़ा असर

इंटरनेशनल प्लांड पैरेंटहुड फ़ेडरेशन (आईपीपीएफ़) के प्रवक्ता पॉल बेल ने बीबीसी को बताया कि बुश प्रशासन के दौरान संस्था को 10 करोड़ डॉलर के अनुदान का नुक़सान हुआ और इसके चलते 176 देशों में उनकी सेवाओं पर असर पड़ा.

अमरीकी सरकार की दी हुई राशि को गर्भपात से जुड़ी किसी भी गतिविधि पर खर्च नहीं किया जा सकता था. यहाँ तक कि अमरीकी क़ानून उन संस्थाओं को गर्भपात संबंधी चर्चा से भी रोकता था जो उससे अनुदान ले रहे थे प्रवक्ता, आईपीपीएफ़

अमरीकी सरकार की दी हुई राशि को गर्भपात से जुड़ी किसी भी गतिविधि पर खर्च नहीं किया जा सकता था. यहाँ तक कि अमरीकी क़ानून उन संस्थाओं को गर्भपात संबंधी चर्चा से भी रोकता था जो उससे अनुदान ले रहे थे

पॉल बेल ने कहा, "पूरी दुनिया में परिवार नियोजन पर इसका असर पड़ा, ख़ासकर अफ़्रीकी देशों में."

उनका कहना है, "अमरीकी सरकार की दी हुई राशि को गर्भपात से जुड़ी किसी भी गतिविधि पर खर्च नहीं किया जा सकता था. यहाँ तक कि अमरीकी क़ानून उन संस्थाओं को गर्भपात संबंधी चर्चा से भी रोकता था जो उससे अनुदान ले रहे थे."

हालांकि कुछ रूढ़िवादी गुटों का कहना है कि अमरीकी जनता से टैक्स के रुप में वसूला गया पैसा गर्भपात के लिए या इसे बढ़ावा देने के लिए खर्च नहीं किया जाना चाहिए.

ऐसे लोगों का कहना है कि यह न केवल अमरीकी मूल्यों के ख़िलाफ़ है बल्कि इससे दुनिया भर में गर्भपात की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी. गर्भपात से जुड़ा क़ानून रिपब्लिकन और डेमोक्रैट्स के बीच खींचतान का विषय रहा है.

डेमोक्रैट बिल क्लिंटन ने जब 1993 में राष्ट्रपति का पद संभाला तो इस क़ानून को ख़त्म कर दिया था लेकिन 2001 में रिपब्लिकन जॉर्ज बुश ने फिर से इसे पलट दिया.इस क़ानून को पहली बार रिपब्लिकन रॉनॉल्ड रीगन ने 1984 में प्रस्तुत किया था.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+