अमेरिका नहीं देगा यातनाएं: ओबामा

पूर्ववर्ती बुश प्रशासन की युद्ध संबंधी नीति से इतर ओबामा ने यह माना कि आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष अमेरिका की पहली प्राथमिकता है लेकिन उसे मानवाधिकारों का सम्मान भी करना है।
मध्य पूर्व और अफगानिस्तान के लिए नए राजनयिकों की नियुक्ति की घोषणा के बाद अमेरिकी विदेश विभाग में ओबामा ने कहा, "सबसे पहले मैं यह बिना किसी लाग-लपेट के कहना चाहता हूं कि अमेरिका यातनाएं नहीं देगा।"
ओबामा ने कहा, "दूसरा हम गुआंटोनामो खाड़ी बंदी शिविर बंद करेंगे और वहां कैद लोगों से निपटने के तरीकों के बारे में विचार करेंगे।"
विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन तथा पाकिस्तान और अफगानिस्तान के विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रूक और मध्य पूर्व के विशेष दूतडेमोक्रेट सीनेटर जार्ज मिचेल का विदेश विभाग में स्वागत करते हुए ओबामा ने कहा, "हम वक्त बिल्कुल बर्बाद नहीं कर सकते और न ही उन लोगों के समक्ष घुटने टेक सकते हैं जो तबाही चाहते हैं।"
गौरतलब है कि ओबामा ने पदभार ग्रहण करने के चंद घंटे बाद ही गुआंटोनामो में सैन्य न्यायाधिकरणों को 120 दिन तक स्थगित करने का आदेश दिया था ताकि उनका प्रशासन मामलों की समीक्षा करके आगे बढ़ने का रास्ता तलाश सके।
गुआंटोनामो जेल में करीब 250 कैदी हैं, जिनमें से सिर्फ 22 के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। ओबामा के इस कदम का ह्यूमन राइट्स वॉच और अन्य संगठनों ने स्वागत किया है।


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