माया के मंत्री को जमानत भी नहीं

Mayawati
लखनऊ, 23 जनवरी: उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती अपने मंत्रियों को लेकर लगातार मुश्किलों में फंसी हुई हैं।

तीन मंत्रियों के अलग-अलग केस में फंसने के बाद अब बसपा सरकार के सहकारिता मंत्री व पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष स्‍वामी प्रसाद मौर्या ने उनके लिये मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। असल में स्‍वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वॉरंट जारी कर दिया है।

यह वॉरंट रायबरेली की न्यायिक दंडाधिकारी (जेएम) प्रथम दीपा राय ने गुरुवार को 1987 के एक मामले में सुनवाई के बाद जारी किया।

मौर्य पर 1987 में रायबरेली के डलमऊ क्षेत्र में एक जनआंदोलन के दौरान हिंसा, आगजनी और सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमला करने का आरोप है।

आगामी आम चुनावों को देखते हुए इस प्रकार से एक एक कर मंत्रियों के विभिन्‍न मामलों में फंसने से बसपा मुसीबतों से घिरती जा रही है। पार्टी को सबसे बड़ी चिंता वोट बैंक की है।

माया पर आयीं तमाम मुसीबतें

हाल ही में एटा में पीडब्‍ल्‍यूडी इंजीनियर मनोज गुप्‍ता की हत्‍या में बसपा विधायक शेखर तिवारी का नाम आना माया के लिए सबसे बड़ी मुसीबत थी। इस मामले में विधायक को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया।

सुल्तानपुर जिले से बसपा सांसद मोहम्मद ताहिर खां वा मारपीट, धोखधड़ी और जान से मारने की धमकी देने के मामले दर्ज हुए।

इसी माह जौनपुर जिला न्यायाधीश ने गलत तरीके से जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराने के मामले में बसपा सांसद उमाकांत की जमानत याचिका खारिज की। इसके अलावा दो विधायकों पर बलात्‍कार और अपहरण के मामले दर्ज हुए।

माया पर सबसे बड़ी मुसीबत तो तब खड़ी हुई जब बसपा विधायक व मंत्री अवधपाल सिंह ने माफिया डीपी यादव की तुलना महात्मा गांधी से की और कहा कि यदि चार मुकदमें लगने से कोई माफिया हो तो सबसे बड़े माफिया महात्‍मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू थे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+