हम शांति प्रक्रिया को पुनर्जीवित करना चाहते हैं : जहांगीर
जहांगीर पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के साथ शांति का संदेश लेकर तीन दिन पहले भारत आईं। प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि दोनों देशों के बीच मंद पड़ी शांति प्रक्रिया पर इस समय नागरिकों द्वारा सवाल उठाए जाने की जरूरत है।
प्रतिनिधिमंडल ने इस बात को स्वीकार किया है कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया को पटरी पर बनाए रखने के लिए पाकिस्तान को अपेक्षाकृत महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की जरूरत है। लेकिन यहीं पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्य व पत्रकार जुगनू मोहसिन ने कहा कि सिर्फ अंगुली उठाना ही पर्याप्त नहीं होगा।
मोहसिन ने शुक्रवार को पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, "मुंबई में जो कुछ घटा, उसे लेकर भारतीय नागरिकों की भावनाओं को हम अच्छी तरह समझते हैं। लेकिन हम भी इस तरह की घटनाओं से अछूते नहीं हैं। दोनों देशों की स्थितियां एक जैसी हैं। लिहाजा समाधान भी आपसी सहयोग के जरिए ही प्राप्त किया जा सकता है।"
मोहसिन ने साफ किया कि इस प्रतिनिधिमंडल का पाकिस्तान सरकार से कोई संबंध नहीं है।
पिछले तीन दिनों के दौरान इस प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस पार्टी के विदेशी मामलों के प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. कर्ण सिंह, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव ए.बी.बर्धन, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव व विदेश सचिव शिवशंकर मेनन से मुलाकात की।
इस मौके पर अस्मा जहांगीर ने कहा, "हम शांति प्रक्रिया को पुनर्जीवित करने का आह्वान करते हैं। युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है, क्योंकि इससे दोनों देशों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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