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ओबामा के एजेंडे में अर्थव्यवस्था ऊपर

By Staff
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ओबामा के एजेंडे में अर्थव्यवस्था ऊपर

वो सबसे पहले अपने आर्थिक सलाहकारों और सैन्य अधिकारियों से मुलाक़ात करने जा रहे हैं.

आर्थिक संकट और अफ़ग़ानिस्तान व इराक़ में संघर्ष उनके एजेंडे में सबसे ऊपर है.

उन्होंने अपने मंत्रिमंडल का गठन तो कर दिया है लेकिन अब भी कई की पुष्टि की जानी बाकी है.

उनके प्रशासन ने घोषणा की है कि वो ग्वांतनामो बे में बंद संदिग्ध चरमपंथियों के ख़िलाफ़ मुक़दमे अस्थाई रूप से बंद कर देंगे.

मंगलवार की रात राष्ट्रपति ओबामा और उनके रक्षा मंत्री रोबर्ट गेट्स ने इस आशय का अनुरोध किया जिसे अभियोजन पक्ष के वकील सैन्य जजों के समक्ष पेश करेंगे.

ग़ौरतलब है कि बुधवार को 11 सितंबर के हमलों के पाँच अभियुक्तों के मामले की सुनवाई होनी है.

ऐसे संकेत हैं कि मामले में 120 दिनों का स्थगन माँगा जा सकता है.

नेतृत्व के लिए तैयार

बराक ओबामा ने मंगलवार को अमरीका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में कैपिटॉल हिल और व्हाइट हाउस के बीच स्थित द मॉल पर जमा लाखों लोगों की तालियों की गूंज के बीच अमरीका के 44वें राष्ट्रपति ने शपथ ली थी.

अमरीका दुनिया का महान लोकतंत्र है, आज पूरी दुनिया की नज़र हम पर है, अमरीका आज जो है वह अपने नेताओं की बुद्धिमत्ता की वजह से ही नहीं, बल्कि अमरीका की जनता की वजह से है ओबामा

अमरीका दुनिया का महान लोकतंत्र है, आज पूरी दुनिया की नज़र हम पर है, अमरीका आज जो है वह अपने नेताओं की बुद्धिमत्ता की वजह से ही नहीं, बल्कि अमरीका की जनता की वजह से है

ओबामा ने अपने भाषण की शुरूआत निवर्तमान राष्ट्रपति बुश को धन्यवाद देने के शिष्टाचार से की और उनकी सेवाओं के लिए उनका आभार प्रकट किया.

उन्होंने कहा, "अमरीका दुनिया का महान लोकतंत्र है, आज पूरी दुनिया की नज़र हम पर है, अमरीका आज जो है वह अपने नेताओं की बुद्धिमत्ता की वजह से ही नहीं, बल्कि अमरीका की जनता की वजह से है."

उन्होंने कहा था, "सभी लोग स्वतंत्र हैं, सभी समान हैं और सबको अपने हिस्से की ख़ुशियाँ तलाश करने के लिए अवसर मिलने चाहिए."

आर्थिक मंदी

दुनिया भर की आर्थिक मंदी किस क़दर अमरीकी राष्ट्रपति के दिमाग़ पर भी हावी है इसका पता चलने में देरी नहीं लगी.

उन्होंने अपने भाषण के दूसरे ही मिनट में मंदी की समस्याओं पर बोलना शुरू कर दिया.

चुनौतियाँ बहुत सारी हैं, बहुत गंभीर हैं, इससे न तो जल्दी निबटा जा सकता है, न ही आसानी से लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि हम कामयाब होंगे क्योंकि मुझे अमरीका की जनता पर पूरा भरोसा है, पूरे देश में सबके साझा हित की बात सब समझेंगे और सही दिशा में काम करेंगे बराक ओबामा

चुनौतियाँ बहुत सारी हैं, बहुत गंभीर हैं, इससे न तो जल्दी निबटा जा सकता है, न ही आसानी से लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि हम कामयाब होंगे क्योंकि मुझे अमरीका की जनता पर पूरा भरोसा है, पूरे देश में सबके साझा हित की बात सब समझेंगे और सही दिशा में काम करेंगे

आठ साल के अंतराल पर आए डेमोक्रेट राष्ट्रपति ने कहा कि "पूंजीवादी अर्थव्यवस्था के बारे में बहस का यह न तो समय है, न ही गुंजाइश. लेकिन मौजूदा संकट से हमने सीखा है कि अगर बाज़ार पर निगरानी न रखी जाए तो वह बेकाबू हो सकता है."

ओबामा ने कहा, " चुनौतियाँ बहुत सारी हैं, बहुत गंभीर हैं, इससे न तो जल्दी निबटा जा सकता है, न ही आसानी से लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि हम कामयाब होंगे क्योंकि मुझे अमरीका की जनता पर पूरा भरोसा है, पूरे देश में सबके साझा हित की बात सब समझेंगे और सही दिशा में काम करेंगे."

उन्होंने अमरीकी नागरिकों से कहा कि वे " नया अमरीका बनाने में जुट जाएँ".

आतंकवाद

ओबामा ने अपने भाषण में अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ का भी ज़िक्र किया.

उन्होंने कहा, " पूरी दुनिया की शानदार राजधानियों से लेकर ग़रीब दुनिया के छोटे शहरों तक, वहाँ भी जहाँ से मेरे पिता आए थे, अमरीका हर उस देश का दोस्त है जो शांति चाहता है."

अमरीका ईसाइयों, मुसलमानों, यहूदियों, हिंदुओं और नास्तिकों का भी देश है, इसे सबने मिलकर बनाया है, इसमें सबका योगदान है ओबामा

अमरीका ईसाइयों, मुसलमानों, यहूदियों, हिंदुओं और नास्तिकों का भी देश है, इसे सबने मिलकर बनाया है, इसमें सबका योगदान है

आतंकवाद की चुनौती के बारे में ओबामा ने कहा, "हम अपनी जीवनशैली को नहीं बदलने वाले और जो हमारी लोकतांत्रिक जीवन शैली को चुनौती देते हैं उन्हें हम बताना चाहते हैं कि वे अमरीका की जनता की स्वतंत्रता, एकता और शांति की इच्छा को पराजित नहीं कर सकते."

अमरीका के बहुसांस्कृतिक स्वरूप पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा, "अमरीका ईसाइयों, मुसलमानों, यहूदियों, हिंदुओं और नास्तिकों का भी देश है, इसे सबने मिलकर बनाया है, इसमें सबका योगदान है, अमरीका की नीतियों को हम हठधर्मी विचारों का गुलाम नहीं बनने देंगे."

अमरीका के 44वें राष्ट्रपति ने दुनिया के मुस्लिम बहुल देशों के नेताओं को अपना साझीदार बताया और कहा कि वे उनके साथ मिलकर काम करेंगे.

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