शपथ ग्रहण समारोह में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

ऐसा करने वाले अंतिम राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी थे.
वे ऐसे अंतिम राष्ट्रपति भी थे जो बिना किसी बुलेटप्रूफ़ सुरक्षा के शपथ ग्रहण करने आए थे. वे दिन अब नहीं रहे.
सीक्रेट सर्विस के एजेंट अब नए राष्ट्रपति की बख़्तरबंद लिमोज़िन को लगातार घेरे रहेंगे, राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह सुरक्षा एजेंसियों के लिए बहुत बड़ी चुनौती है.
सबसे बड़ा ख़तरा
समारोह के लिए बहुत तैयारियाँ की गई हैं जिनमें सुरक्षा अधिकारियों की रिहर्सल भी शामिल है जो सिर्फ़ इस कार्यक्रम और परेड के लिए ही नहीं है.
वाशिंगटन में अमरीका के एक सैन्य ठिकाने पर पिछले छह महीनों से शपथ ग्रहण समारोह का निर्बाध आयोजन करने के लिए तैयारियाँ चल रही थीं.
वाशिंगटन शहर के बड़े-बड़े नक्शे फ़ोर्ट मैकनायर स्थित कंट्रोल रूम की स्क्रीनों पर छाए हुए हैं, वे इन स्क्रीनों नए राष्ट्रपति के हर क़दम और उनके आसपास होने वाली हर हलचल पर नज़र रखेंगे.
वे बेहतर की उम्मीद कर रहे हैं लेकिन किसी बुरी घटना के लिए तैयार भी हैं.
मेजर जनरल रिचर्ड रो ने मुझे संभावित परिस्थितियों के बारे में बताया. बिजली फ़ेल होने, एक या अनेक कार बम धमाके होने, साइबर हमला, पुल ढह जाने और भीड़ में भगदड़ मचने जैसी हर घटना से निबटने की तैयारी है.
जैविक हमला
उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे बड़ा ख़तरा किसी जैविक, रासायनिक या रेडियोएक्टिव हमले का है, लेकिन वे हर बात के लिए तैयार हैं.
कंट्रोल रूम के बाहर अमरीकी तटरक्षक दल के सदस्यों ने अत्याधुनिक सेंसर दिखाए जो ऐसे किसी भी उपकरण को खोज सकते हैं.
11 सितंबर 2001 के धमाकों के बाद होने वाला यह ऐसा दूसरा शपथ ग्रहण समारोह है.
राष्ट्रपति के लिए मंगवाई गई लिमोज़िन पहली बार बाहर निकलेगी
मेजर जनरल रिचर्ड मुझे याद दिलाते हैं कि अमरीका इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में लड़ाई लड़ रहा है.
वाशिंगटन के आसमान में हेलिकॉप्टर गश्त लगा रहे हैं और शपथ ग्रहण समारोह के दिन लड़ाकू विमान भी इस काम में जुट जाएँगे.
वाशिंगटन के समुद्र तट पर भी तटरक्षक बल स्पीडबोट से नज़र रखेंगे.
केपिटॉल हिल की इमारत के नज़दीक और परेड के रास्ते पर सेना के निशानेबाज़ पूरी नज़र रखेंगे.
वाशिंगटन की कई सड़कों और पुलों को आम जनता के लिए बंद कर दिया जाएगा और खोजी कुत्ते, सशस्त्र पुलिस और सादा कपड़ों में ख़ुफ़िया एजेंट पूरे शहर में तैनात रहेंगे.
ख़ुफ़िया एजेंसी
कुल मिलाकर, वाशिंगटन पुलिस के 4000 जवानों के अलावा देश के दूसरे स्थानों के 4000 और अधिकारी तैनात होंगे. राष्ट्रीय गार्ड के 1000 सदस्यो को भी बुलाया गया है.
इस कार्यक्रम में 57 विभिन्न सरकारी एजेंसियाँ शामिल हैं और इसे 'राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यक्रम' घोषित किया गया है. इस सारे कार्यक्रम की देखरेख 'यूएस सीक्रेट सर्विस' कर रही है.
इसे दुनिया की सबसे चुस्त, आधुनिक और प्रशिक्षित एजेंसियों में गिना जाता है और 1901 में विलियम मैककिनले की हत्या के बाद से ही अमरीकी राष्ट्रपति की सुरक्षा का काम इसके ज़िम्मे है.
आम जनता को दिखाई तो सिर्फ़ वे एजेंट देंगे जो राष्ट्रपति की कार से होंगे लेकिन उनके अलावा दर्शकों की भीड़ में घुले मिले और भी सैकड़ों ख़ुफ़िया एजेंट होंगे.
यह गुप्तचर सेवा पिछले एक साल से बराक़ ओबामा की सुरक्षा में तैनात है लेकिन उनकी जीत के बाद उनकी सुरक्षा और पुख़्ता कर दी गई है.












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