शरणार्थी मुद्दे पर बातचीत करेगा थाईलैंड

thailand

थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा है कि वे थाई सुरक्षा बलों पर शरणार्थियों को समुद्र में छोड़ देने के आरोप के मुद्दे पर मानवाधिकार अधिकारियों से बात करेंगे प्रधानमंत्री के अधिकारियों ने कहा है कि वो उन रिपोर्टों की जाँच कर रहे हैं जिनके अनुसार थाई सुरक्षा बलों ने पश्चिम बर्मा के रोहिंग्या लोगों को बिना इंजन वाली नाव पर मरने के लिए छोड़ दिया था.

भारतीय अधिकारियों और क्षेत्रीय समाचारपत्रों की रिपोर्टों में कहा गया है कि इस हादसे में मात्र एक सप्ताह के अंदर 500 से भी ज़्यादा लोग मारे गए. इससे अंदाज़ लगाया जा सकता है कि एक हज़ार से भी ज़्यादा रोहिंग्या लोगों को दिसंबर में समुद्र में छोड़ दिया गया था.

अभिसित ने पत्रकारों से कहा, "मैं सोमवार को मानवाधिकार अधिकारियों से मुलाक़ात कर मानवाधिकार हनन समेत उन सभी घटनाओं के बारे में बात करूँगा जिनके बारे में अभी पिछले दिनों ख़बर मिली है."

आरोपों का अंबार

भारतीय अधिकारियों ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने सैकड़ों रोहिंग्या शरणार्थियों को बचाया है जिनमें से ज़्यादातर बर्मा और बांग्लादेश की सीमा पर रहने वाले मुसलमान हैं.

मैं सोमवार को मानवाधिकार अधिकारियों से मुलाक़ात कर मानवाधिकार हनन समेत उन सभी घटनाओं के बारे में बात करूँगा जिनके बारे में अभी पिछले दिनों ख़बर मिली है अभिसित वेजाजिवा

मैं सोमवार को मानवाधिकार अधिकारियों से मुलाक़ात कर मानवाधिकार हनन समेत उन सभी घटनाओं के बारे में बात करूँगा जिनके बारे में अभी पिछले दिनों ख़बर मिली है

भारत के अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पुलिस अधिकारी रंजीत नारायण ने कहा, "उन लोगों ने बताया कि पहले उन्हें थाई किनारे के दूसरी ओर ले जाकर मारा गया और उसके बाद उन्हें जबरदस्ती बिना इंजन वाली नौका में बिठाकर समुद्र में छोड़ दिया गया."

कोस्टगार्ड कमांडर एसपी शर्मा ने एएफ़पी समाचार एजेंसी से कहा था कि भारत ने दिसंबर के अंत से अब तक चार नौकाओं से 446 शरणार्थियों को बचाया है.

हांगकांग के समाचारपत्र संडे मॉर्निंग पोस्ट ने कहा है कि मारे गए और गुमशुदा लोगों का आँकड़ा 538 का है.

बर्मा के ज़ाव विन को भी भारतीय तटरक्षक दल ने बंगाल की खाड़ी से बचाया, विन कहते हैं, "थाई सैनिकों ने हमारे हाथ बाँध दिए और हमें बिना इंजन वाली नाव पर बिठा दिया, ये नावें बड़ी मोटरबोटों से जुड़ी थीं और बीच समुद्र में बंधी थीं. वे हमें मरने के लिए छोड़कर चले गए."

कुछ थाई सुरक्षा बल और पुलिस सूत्रों ने बीबीसी से निजी बातचीत में माना कि ऐसा हुआ है.उन्होंने कहा कि थाईलैंड पहुँचने वाले रोहिंग्याओं की बढ़ती संख्या को सुरक्षा के लिए ख़तरा माना जा रहा था. डर था कि इनमें इस्लामिक चरमपंथी भी शामिल हो सकते हैं.

लेकिन सेना के वरिष्ठ अधिकारी इन आरोपों को नकार रहे हैं.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+