कश्मीर मुद्दे पर विवाद छेड़ गए मिलिबैंड

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के साथ उत्तर प्रदेश में एक दलित की झोपड़ी में रात गुजारने की जहमत उठाने वाले 43 वर्षीय मिलिबैंड भारतीय प्रतिष्ठान में भी अपनी से उतावली शैली से कुछ अप्रसन्नता छोड़ गये।
मीडिया की खबरों में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी से अपनी मुलाकातों में मिलिबैंड का रूख और बातचीत की शैली कुछ ज्यादा ही आक्रामक थी।
बताया जाता है कि उन्होंने सीधी दलील दी कि मुंबई आतंकवादी हमले कश्मीर मुद्दे के नहीं सुलझने का नतीजा हैं। उसके बाद उन्होंने ब्रिटेन के एक अखबार में लिखा कि कश्मीर मुद्दे का समाधान क्षेत्र में चरमपंथियों के हथियार उठाने के मुख्य कारणों में से एक को समाप्त कर देगा।
इसकी भारतीय विदेश कार्यालय ने आलोचना की और कहा कि भारत को कश्मीर पर बिन मांगी सलाह की जरूरत नहीं है।
मिलिबैंड ने यह सुझाव देकर पाकिस्तानी न्याय प्रणाली में भी अपना विश्वास जाहिर किया कि मुंबई हमलों के सिलसिले में वांछित पाकिस्तानियों पर उस देश में ही मुकदमा चलाया जाना चाहिए ताकि उसकी न्याय प्रणाली को एक मौका मिले।


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