भारत सीटीबीटी पर नहीं करेगा हस्ताक्षरः प्रणव

हालांकि अमेरिका में ओबामा सरकार के आने के बाद इन संधियों पर जोर दिये जाने की संभावना है। विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने एक साक्षात्कार में कहा "हम सीटीबीटी या एनपीटी पर दस्तखत नहीं करेंगे। और हमने इसे अमेरिका को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि हम उसके साथ द्विपक्षीय समझौते और आईएईए के साथ भारत केंद्रित सुरक्षा उपायों से बंधे हैं"।
उन्होंने यह टिप्पणी अमेरिका की भावी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के इस बयान के बाद की है कि सीटीबीटी नयी अमेरिकी सरकार की प्राथमिकता होगी। मुखर्जी ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि वह पहले ही जाहिर कर चुके हैं कि भारत की विदेश नीति बाहरी महौल के संदर्भ में राष्ट्रीय हित का विस्तार होगी।
उन्होंने कहा अतः घरेलू राष्ट्रीय प्राथमिकता निश्चित तौर पर विदेश नीति को प्रभावित करने की होगी। आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान पर दबाव बनाने में अमेरिका ब्रिटेन और अन्य की मदद लेने से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा स्वतंत्र रही है और यह किसी अन्य से संकेत नहीं लेती।
इससे जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा अब हमने यह कूटनीति आउटसोर्स नहीं की है। हम हर किसी को बता रहे हैं कि आप निश्चित तौर पर इन समस्याओं का समाधान करें आप निश्चित तौर पर पाकिस्तान पर दबाव बनायें क्योंकि यह सिर्फ भारत पाकिस्तान संबंध नहीं है।


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