भारत के बाद पाक दौरे पर मिलिबैंड

ब्रितानी विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड दो दिन के पाकिस्तान दौरे पर इस्लामाबाद पहुँचे हैं. चरमपंथ के साथ वे भारत-पाक तनाव पर भी बात करेंगे.
समाचार एजेंसियों के अनुसार मिलिबैंड पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी, प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी और विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी से मुलाकात करेंगे.
ग़ौरतलब है कि उनकी भारत यात्रा के अंतिम घंटों में तब एक नया विवाद खड़ा हो गया जब लंदन के गार्डियन अख़बार में छपे उनके लेख में कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने आपत्ति जताई.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारत को अपने अंदरुनी मामलों में 'बिन मांगी सलाह' की ज़रुरत नहीं है.
इससे पहले उन्होंने पाकिस्तान से आहवान किया था कि वह मुंबई हमलों से संबंध रखने वाले चरमपंथी गुटों को 'बर्दाश्त न करने' की नीति अपनाए.
साठ लाख पाउंड का आश्वासन
ग़ौरतलब है कि मिलिबैंड की पाकिस्तान यात्रा उस समय हो रही है जब ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने पाकिस्तान को साठ लाख पाउँड की राशि देने का आश्वासन दिया है ताकि वह देश में चरमपंथ का सामना कर सके.
दोनों नेता ये भी कह चुके हैं कि पाया गया है कि ब्रिटेन में चरमपंथ से संबंधित अधिकतर षड्यंत्रों के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं.
समाचार एजेंसियों के अनुसार अधिकारी मानते हैं कि चरमपंथ के साथ-साथ बढ़े हुए भारत-पाकिस्तान तनाव पर भी मिलिंबैंड के इस दौरे के दौरान चर्चा होगी.
भारत ने मुंबई हमलों के लिए पाकिस्तान में मौजूद तत्वों को ज़िम्मेदार ठहराया है. भारत ने ये भी कहा है कि पाकिस्तान इन तत्वों को काबू में करने के पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा और इससे उसकी चरमपंथ का सामना करने के प्रति गंभीरत पर सवालिया निशान लगता है.
उधर पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा था कि वह चरमपंथ का सामना करने के प्रति बहुत गंभीर है और उसने इस्लामी संगठनों से संबंधित 124 लोगों को गिरफ़्तार भी किया है.


Click it and Unblock the Notifications