बुश ने अपने फ़ैसलों का बचाव किया

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने पद छोड़ने से पहले अपने आख़िरी टेलीविज़न संबोधन में कहा है कि उन्होंने 9/11 जैसी घटना दोबारा नहीं होने दी और इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में लोकतंत्र की बहाली में सफलता हासिल की.
उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन ने वित्तीय संकट से निपटने के लिए निर्णायक फ़ैसले किए. संवाददाताओं का कहना है कि अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के समक्ष दिए विदाई संबोधन में भावुकता झलक रही थी.
बुश की बीस जनवरी को व्हाइट हाउस से औपचारिक विदाई हो जाएगी और बराक ओबामा अमरीका के 44वें राष्ट्रपति के रुप में शपथ लेंगे.
'कुछ अलग करता'
जॉर्ज बुश ने कहा कि अगर उन्हें मौका दिया जाता तो वे कुछ चीजें अलग तरीके से करते.
उनका कहना था, "अफ़ग़ानिस्तान एक देश के रुप में बदल चुका है जहाँ तालेबान ने अल क़ायदा को समर्थ दिया था और महिलाओं पर पत्थर फेंके जाते थे. अब वो एक युवा लोकतंत्र है जो आतंकवाद से मुक़ाबला कर रहा है और लड़कियों को स्कूल भेजने के लिए उत्साहित कर रहा है."
बुश ने कहा कि इराक़ भी क्रूड़ तानाशाही और अमरीका के दुश्मन से बदलकर लोकतांत्रिक देश बन चुका है जो अमरीका का दोस्त है.उनका कहना था, "इन कई फ़ैसलों पर वाद-विवाद जायज़ है लेकिन परिणामों के बारे में बहस की गुंजाइश नहीं है."
बुश ने कहा कि लगन और कड़ी मेहनत से अमरीकी अर्थव्यवस्था की समृद्धि वापस आ जाएगी.


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