'जाफ़ना पर श्रीलंकाई सेना का कब्ज़ा'

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि नौ साल बाद फिर इस इलाक़े पर कब्ज़ा कर लेना श्रीलंका की सरकार के लिए एक बड़ी जीत है.सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि सेना ने जाफ़ना के तमिल विद्रोहियों के अंतिम कब्ज़े वाले गाँव चुंदीककुलम पर नियंत्रण कर लिया है.
हालांकि संघर्ष वाले इस क्षेत्र से स्वतंत्र सूत्रों से अभी कोई ख़बर नहीं आई है और न ही तमिल विद्रोहियों ने इस पर कोई टिप्पणी की है.इसके पहले श्रीलंका को जाफ़ना प्रायद्वीप से जोड़ने वाले एलिफ़ेंट पास पर सेना ने कब्ज़ा कर लिया था.
इसके बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने टीवी पर राष्ट्र को संबोधित किया था और इसे ऐतिहासिक जीत बताया था.
विद्रोहियों को धक्का
विश्लेषकों का कहना है कि ये तमिल विद्रोहियों के बहुत बड़ा धक्का है क्योंकि इसका मतलब ये हुआ कि वर्ष 2000 के बाद सरकार का पहली बार पूरे जाफ़ना प्रायद्वीप पर नियंत्रण कायम हो गया है.
पिछले ही हफ़्ते श्रीलंका की सेना ने तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के प्रशासनिक मुख्यालय किलिनोची पर कब्ज़ा किया था फिर वह उत्तर की ओर बढ़ी थी.
दशकों से अलग तमिल देश के लिए लड़ रही एलटीटीई ने देश के उत्तर और पूर्व में नियंत्रण कर रखा था जहाँ उसके आदेश-निर्देश का पालन होता था.
लेकिन ताज़ा लड़ाई के बाद विद्रोहियों का कब्ज़ा अधिकतर जगहों से हट गया है. श्रीलंका की सरकार ने घोषणा की है कि जब तक तमिल विद्रोही आत्मसमर्पण नहीं करते तब तक संघर्ष जारी रहेगा.
उल्लेखनीय है कि लगभग ढाई दशक से चल रहे इस विद्रोह में दोनों पक्षों के कम से कम 70 हज़ार लोग मारे गए हैं.


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