चैनलों पर लगाम कसने का मामला टला

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि इस संबंध में अंतिम फैसला सभी पक्षों से बातचीत के बाद ही किया जाएगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि केबल टेलीविजन नेटवर्क (नियमन) अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव पर विभिन्न मीडिया संगठनों के प्रतिनिधियों से प्रधानमंत्री की बात हुई है। प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया है कि सभी प्रतिभागियों से बातचीत और आम सहमति के बाद ही इस कवायद को अंतिम रूप दिया जाएगा।
पीएमओ द्वारा जारी इस बयान के पहले पहले कई न्यूज चैनलों के संपादकों ने संयुक्त रूप से कहा था कि सरकार द्वारा प्रस्तावित कवायद का उद्देश्य आतंकवादी गतिविधियों, सेक्स, अपराध और नार्को फुटेज के प्रसारण के नाम पर मीडिया पर नकेल कसना है।
माकपा महासचिव प्रकाश करात ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में सर्वसम्मति बनाने की अपील की और कहा कि सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला न करे। करात ने कहा कि माकपा का मानना है कि मीडिया पर लगाम कसने के लिए जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए।
इससे पहले, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा था कि सभी राजनीतिक दलों के बीच आमसहमति बनाने के बाद ही इस पर कोई फैसला होना चाहिये। वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कार्यकारी संयोजक शरद यादव ने कहा कि मीडिया पर एकतरफा फैसला थोपने के बजाये संसद सत्र में इस पर बहस होनी चाहिए और उसी के आधार पर सर्वसम्मति से कोई निर्णय होना चाहिए।


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