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बीबीसी ने फ़ारसी टीवी चैनल शुरू किया

By Staff
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    बीबीसी ने फ़ारसी टीवी चैनल शुरू किया

    बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के इस टीवी चैनल पर शुरूआत में आठ घंटे के लिए प्रसारण होगा, लंदन स्थित ब्रॉडकास्टिंग हाउस में इसका मुख्यालय होगा और लगभग 150 पत्रकार इसके लिए काम करेंगे.

    डेढ़ करोड़ पाउंड सालाना बजट वाले इस चैनल के लिए ब्रितानी सरकार धनराशि मुहैया करा रही है.

    इस चैनल को दुनिया भर में दस करोड़ फ़ारसी भाषी लोग सेटेलाइट के ज़रिए देख पाएँगे लेकिन ईरान में इसके प्रसारण की अनुमति नहीं दी गई है.

    बीबीसी ईरान में प्रभावशाली लोगों के बीच एक प्रतिष्ठित नाम है, सरकार की पाबंदी के बावजूद बीबीसी के नाम और काम से लोग अच्छी तरह परिचित हैं रिचर्ड सैमब्रुक, ग्लोबल न्यूज़ के प्रमुख

    बीबीसी ईरान में प्रभावशाली लोगों के बीच एक प्रतिष्ठित नाम है, सरकार की पाबंदी के बावजूद बीबीसी के नाम और काम से लोग अच्छी तरह परिचित हैं

    बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के निदेशक नाइजल चैपमैन का कहना है, "हमारा प्रारंभिक लक्ष्य 2011 तक ईरान, अफ़ग़ानिस्तान और ताजिकिस्तान में 70 लाख दर्शकों तक पहुँचना है."

    इस टीवी चैनल पर समाचार, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक मुद्दों पर परिचर्चाओं का प्रसारण होगा.

    ईरानी सरकार ने बीबीसी को ईरान में फ़ारसी भाषा में काम करने के लिए एक भी रिपोर्टर रखने करने की अनुमति नहीं दी है लेकिन बीबीसी ने बेरूत, इस्लामाबाद, दुशांबे और येरुशलम जैसे शहरों में अपने रिपोर्टर तैनात किए हैं.

    बीबीसी का कहना है कि फ़ोन-इन के ज़रिए ईरानी दर्शकों से संपर्क बनाए रखेगी और दर्शकों को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे ख़ुद की तैयार की गई वीडियो फ़िल्में बीबीसी फ़ारसी को भेजें.

    ईरानी संदेह

    ईरान के अधिकारियों ने बीबीसी के फ़ारसी चैनल को "जासूसी और मनोवैज्ञानिक युद्ध" का उपकरण बताया है और ईरानी जनता से कहा है कि वह 'झूठ फैलाने वाले चैनल' से दूर ही रहें.

    ईरान में सेटेलाइट डिश के ज़रिए टीवी पर देखने पर क़ानूनी पाबंदी है लेकिन बड़ी संख्या में लोग केबल टीवी चोरी-छिपे देखते हैं.

    हमारा प्रारंभिक लक्ष्य 2011 तक ईरान, अफ़ग़ानिस्तान और ताजिकिस्तान में 70 लाख दर्शकों तक पहुँचना है नाइजल चैपमैन, वर्ल्ड सर्विस प्रमुख

    हमारा प्रारंभिक लक्ष्य 2011 तक ईरान, अफ़ग़ानिस्तान और ताजिकिस्तान में 70 लाख दर्शकों तक पहुँचना है

    बीबीसी का कहना है कि वह पत्रकारिता की अपनी सत्यता और निष्पक्षता की नीति को पुरज़ोर तरीक़े से लागू करेगा, सिर्फ़ आलोचना करने के लिए आलोचना करने की नीति नहीं अपनाएगा.

    बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के लिए ब्रितानी विदेश मंत्रालय से धनराशि मिलने के कारण न सिर्फ़ ईरानी अधिकारियों बल्कि आम लोगों के मन में संदेह है कि इस चैनल की निष्पक्षता कितनी होगी.

    कुछ मीडिया विश्लेषकों का कहना है कि ईरान और मध्य एशिया के क्षेत्र में अपना प्रभाव बनाने के लिए ब्रितानी सरकार ने यह क़दम उठाया है.

    बीबीसी ग्लोबल न्यूज़ के प्रमुख रिचर्ड सैमब्रुक का कहना है, "बीबीसी ईरान में प्रभावशाली लोगों के बीच एक प्रतिष्ठित नाम है, सरकार की पाबंदी के बावजूद बीबीसी के नाम और काम से लोग अच्छी तरह परिचित हैं."

    बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ने पिछले ही वर्ष अरबी टीवी चैनल शुरू किया है.

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