सत्यमः संकट से उबरने की कवायद

सॉफ्टवेयर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी सत्यम कंप्यूटर्स के नए निदेशक मंडल की सोमवार को पहली बैठक होगी. इसमें संकट से उबारने पर विचार किया जाएगा.केंद्र सरकार ने सत्यम कंप्यूटर्स में अनियमितताओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई के बाद कंपनी को चलाने के लिए रविवार को नए निदेशक मंडल की घोषणा की थी.
इसमें फिलहाल नैस्कॉम के पूर्व चेयरमैन किरण कार्णिक, एचडीएफसी बैंक के प्रमुख दीपक पारेख और सेबी के पूर्व सदस्य वी अच्युतन को शामिल किया गया है.
मेरे विचार से सत्यम का कारोबार सामान्य रखना और उसके ग्राहकों की ज़रुरतें पूरी करना हमारी पहली प्राथमिकता होगी किरण कार्णिक, बोर्ड के नए सदस्य
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केंद्रीय कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने रविवार को नए निदेशक मंडल की घोषणा करते हुए कहा कि नए बोर्ड की बैठक 24 घंटे के भीतर होगी.
प्रेमचंद गुप्ता का कहना था कि ये निदेशक मंडल स्वतंत्र होगा और कंपनी के हित के लिए अपने तरीके से काम करेगा.
प्राथमिकताएँ
दूसरी ओर सत्यम कंप्यूटर्स के नए बोर्ड में शामिल किरण कार्णिक ने कहा है कि कारोबार जारी रखना और कर्मचारियों के हितों की रक्षा पहली प्राथमिकता होगी.
दीपक पारेख और किरण कार्णिक को सत्यम कंप्यूटर्स के बोर्ड में शामिल किया गया है
निदेशक बनाए जाने के बाद किरण कार्णिक ने निजी समाचार चैनलों को दिए इंटरव्यू में कहा, "हमारी प्राथमिकताएँ क्या होंगी ये तो बोर्ड की बैठक में ही तय होगा लेकिन मेरे विचार से सत्यम का कारोबार सामान्य रखना और उसके ग्राहकों की ज़रुरतें पूरी करना हमारी पहली प्राथमिकता होगी."
किरण कार्णिक का कहना था, "हम कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के हितों की भी रक्षा करेंगे. यही नहीं हमार कोशिश सत्यम के कारोबार को बढ़ाने और नए ग्राहक खोजने की भी होगी."
पूर्व नैस्कॉम चेयरमैन ने कहा कि सत्यम में घोटाले की ख़बर से भारतीय आईटी जगत पर ख़ास असर नहीं पड़ेगा.
उनका कहना था, " ये जीवन में एक बार होने वाली घटना की तरह है. इसे इकलौता मामले के रूप में देखा जाना चाहिए."
ग़ौरतलब है कि कंपनी के बैलेंस शीट में लगभग सात हज़ार करोड़ रूपए के घपले को स्वीकार करते हुए सत्यम के चेयरमैन बी रामालिंगा राजू ने इस्तीफ़ा दे दिया था.
उन्हें और उनके भाई को हैदराबाद की अदालत ने शुक्रवार को 23 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.


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