समुद्री खतरों से निपटने के लिए नौसेना बना रही तीन स्तरीय सुरक्षा

नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनएस)। मुंबई पर हुए आतंकवादी हमलों से समुद्री रास्ते से आतंकवाद के खतरों को देखते हुए नौसेना ने 160 अरब रुपये के आधुनिकीकरण योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत नौसेना समुद्री सीमा की तीन स्तरीय निगरानी के लिए विमान, पेट्रोलिंग के लिए जलपोत और मानव रहित विमानों की खरीद करेगी।

नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "बोइंग कंपनी के साथ छह एलआरएमआर (लॉन्ग रेंज मैरीटाइम रिकॉन्नैसैंस) विमानों की आपूर्ति के लिए 2.1 अरब डॉलर का सौदा किया जा चुका है। अगले चरण में छह एमआरएमआर (मीडियम रेंज मैरीटाइम रिकॉन्नैसैंस) विमानों की खरीद की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।"

एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, "इन विमानों से वायु सेना की सुदूर और मध्यम दूरी तक निगरानी रखने की क्षमता बढ़ेगी। मुंबई में हुए हमलों के बाद इनसे संबंधित सौदों को काफी तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है।"

अधिकारी ने बताया कि एलआरएमआर सबसे बाहरी सीमा की सुरक्षा करेगा जबकि मीडियम रेंज के विमान बीच की सीमा की सुरक्षा करेंगे।

सबसे करीबी सीमा की सुरक्षा के लिए नौसेना इजरायली हेरॉन यूएवी की खरीद करने जा रही है। इसके साथ ही तीन भू-स्टेशन और दो जहाज नियंत्रण स्टेशन बनाया जाएगा। इस पर 3.5 अरब रुपये खर्च होंगे।

अधिकारी ने कहा कि नौसेना आगे और अधिक हेरॉन यूएवी की मांग कर सकती है।

नौसेना ने 50 अरब रुपये की लागत से तटवर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए जलपोत खरीदने का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजा है।

अधिकारी ने बताया कि नौसेना के पास टैंकरों के तीन बेड़ें हैं और वह तीन और बेड़ों की खरीद करेगी।

मुंबई में हुए हमलों के बाद तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ रक्षा मंत्री की हुई बैठक में नौसेना ने अपना प्रस्ताव सौंपा था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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