राजू को आज अदालत में पेश किया जाएगा

सत्यम के पूर्व चेयरमैन रामालिंगा राजू और उनके भाई की गिरफ़्तारी के बाद शुक्रवार रात उनसे पूछताछ हुई है. उन्हें शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा.
बुधवार को बी रामालिंगा राजू ने कंपनी के खाते में 7000 करोड़ रुपए से ज़्यादा के घपले की बात स्वीकारते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.
शनिवार सुबह राजू की मेडिकल जाँच हुई है क्योंकि वे कुछ समय से दिल के रोग से ग्रस्त हैं. उनके वकील भरत कुमार के अनुसार राजू और उनके भाई रामा राजू से रात में पूछताछ हुई है.
पुलिस का कहना है कि सत्यम कंपनी के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी वल्दामणि श्रीनिवास को भी गिरफ़्तार किया जाएगा.
सरकार ने सत्यम के बोर्ड को भंग कर दिया है और उसमें सरकार की ओर से 10 निदेशक नियुक्त करने का निर्णय लिया है. पहले से तय बोर्ड की शनिवार को होने वाली बैठक अब नहीं होगी.
भारत के कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने कहा है कि सत्यम का वर्तमान बोर्ड अस्तित्व में नहीं है. शनिवार को वे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर उन्हें पूरे मामले की जानकारी देंगे.
कर्मचारी, निवेशक परेशान
इससे पहले शुक्रवार रात को रामालिंगा राजू और रामा राजू ने आंध्र प्रदेश की पुलिस महानिदेशक के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.
राज्य पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया और मामले की जाँच राज्य सीआईडी की अपराध शाखा को सौंपी गई. अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैनमपट्टी राम ने कहा है कि कंपनी में नकदी का संकट है
पुलिस ने आर्थिक अपराध के कई मामले दर्ज किए हैं जिनमें आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और घपले के मामले शामिल हैं.
इससे पहले सत्यम कंप्यूटर्स में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जाँच कर रहे भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कंपनी के पूर्व राजू को पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन वे पेश नहीं हुए.
राजू के वकील भरत कुमार ने पत्रकारों को बताया था कि सेबी ने शुक्रवार शाम चार बजे पेश होने के लिए समन जारी किया था लेकिन ख़राब स्वास्थ्य के कारण राजू सेबी अधिकारियों के सामने पेश नहीं हो पाए.
अब ये स्पष्ट नहीं है कि इन परिस्थितियों में शनिवार को रामालिंगा राजू भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के सामने प्रस्तुत होंगे या नहीं.
विश्व की अग्रणी सॉफ़्टवेयर कंपनी माने जाले वाली सत्यम कंप्यूटर का कारोबार अनेक देशों में फैला हुआ है और इसके 50 हज़ार से ज़्यादा कर्मचारी हैं.
पूरा विवाद सामने आने के बाद भारत में शेयर बाज़ार गिरा था और फिर दुनिया भर के निवेशकों के बीच अफ़रातफ़री मच गई थी.


Click it and Unblock the Notifications