चर्चा विफल, पेट्रोलियम संकट गहराया

भारत में तेल कंपनियों के अधिकारियों और सरकार के बीच चर्चा फिर विफल हो गई है. उधर देश भर में पेट्रोलियम पदार्थों का संकट गहराता दिखाई दे रहा है.इसके बाद अधिकारियों ने शुक्रवार को भी अपनी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है.
गुरुवार को देर रात दो घंटे चली बैठक के बाद भारतीय तेल निगम (आईओसी) के चेयरमैन सार्थक बेहुरिया ने बातचीत विफल होने की बात स्वीकार की है.
इस बैठक में पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा के अलावा तेल कंपनियों के कर्मचारियों के प्रतिनिधि मौजूद थे.
इस बीच पूरे देश में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पर बुरा असर पड़ा है और देश भर से पेट्रोल पंपों में स्टॉक ख़त्म हो जाने की ख़बरें आ रही हैं. देश के कई प्रमुख हवाईअड्डों में भी ईंधन की कमी की ख़बरें मिली हैं.
शुक्रवार को पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति और बिगड़ जाने की आशंका ज़ाहिर की गई है. दिल्ली-मुंबई में सीएनजी की आपूर्ति में भी बाधा आने के आसार हैं.
इस बीच तेल कंपनियों ने हड़ताल का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों को निलंबित और बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है.
बातचीत विफल
देश भर की सरकारी तेल कंपनियों के अधिकारी बुधवार की सुबह से हड़ताल पर चले गए. वे वेतन में बढ़ोत्तरी की मांग कर रहे हैं.इन अधिकारियों के प्रतिनिधि से पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने गुरुवार को देर रात एक बार फिर बातचीत की.
बातचीत विफल रही है और हड़ताल जारी रहेगी. पेट्रोलियम मंत्री ने कहा है कि वे हमारी माँगों से प्रधानमंत्री को अवगत कराएँगे अमित कुमार, अधिकारी संगठन के अध्यक्ष
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दो घंटे चली बैठक के बाद इसमें कोई नतीजा नहीं निकल सका है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार भारतीय तेल निगम (आईओसी) के चेयरमैन सार्थक बेहुरिया ने इस बैठक के बाद कहा, "कुछ बातचीत हुई है लेकिन हम किसी नतीजे पर नहीं पहुँच सके हैं. हालांकि आगे की बातचीत के लिए दरवाज़े खुले हुए हैं."
इससे पहले गुरुवार की सुबह भी एक दौर की बातचीत हुई थी.
गुरुवार को देर रात हुई बैठक के बाद तेल कंपनियों के अधिकारियों के संगठन के अध्यक्ष अमित कुमार ने रॉयटर्स को बताया, "बातचीत विफल रही है और हड़ताल जारी रहेगी. पेट्रोलियम मंत्री ने कहा है कि वे हमारी माँगों से प्रधानमंत्री को अवगत कराएँगे."
संकट
हड़ताल के दूसरे दिन गुरुवार को देश भर से पेट्रोलियम पदार्थों के संकट की ख़बरें मिली हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार राजधानी दिल्ली में 85 प्रतिशत पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीज़ल का भंडार ख़त्म हो चुका था जबकि व्यावसायिक राजधानी मुंबई में 60 प्रतिशत पेट्रोल पंपों पर 'स्टॉक नहीं है' का बोर्ड टंग चुका था.
गुरुवार शाम से ही पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ और अफ़रा-तफ़री का माहौल था
इसी तरह कोलकाता में 30 प्रतिशत पेट्रोल पंप बंद हो गए थे तो चंडीगढ़ में सिर्फ़ 10 प्रतिशत पंपों पर पेट्रोल-डीज़ल उपलब्ध था. भोपाल में 75 में से 60 पेट्रोल पंप बंद थे तो पटना में 50 में से सिर्फ़ 15 ही खुले थे.
देश के कई हवाई अड्डों पर ईंधन के संकट के कारण कई उड़ानों में विलंब हुआ है.
मुंबई में सीएनजी और पाइपों के ज़रिए पहुँचने वाली रसोई गैस की आपूर्ति में भी बाधा पहुँची है. हालांकि दिल्ली में सीएनजी की आपूर्ति जारी रही. लेकिन इन दोनों ही शहरों में शुक्रवार के बाद से सीएनजी आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है.
अधिकारियों की हड़ताल से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन पर बुरा असर पड़ा है. ओएनजीसी के बॉम्बे हाई में कच्चे तेल का उत्पादन घटकर आधा रह गया और गुरुवार को सिर्फ़ 180,000 बैरल कच्चे तेल का ही उत्पादन हो सका.
आईओसी की सात रिफ़ाइनरी में सिर्फ़ 40 प्रतिशत उत्पादन हो रहा है. इसकी दो बड़ी रिफ़ाइनरी मथुरा और पानीपत में उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
बीपीसीएल और एचपीसीएल की रिफ़ाइनरी में भी उत्पादन प्रभावित हुआ है.
कार्रवाई
समाचार एजेंसियों के अनुसार इस बीच तेल कंपनियों ने हड़ताल का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों के ख़िलाफ़ निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरु कर दी है.
तेल कंपनियों ने अब तक 20 अधिकारियों को निलंबित किया है. इनमें से 11 ओएनजीसी के हैं और तीन-तीन अधिकारी आईओसी, बीपी और गेल के हैं.
ख़बर मिली है कि ज़्यादातर कर्मचारी नेता भूमिगत हो गए हैं.
सरकार के निर्देश पर ओएनजीसी ने 70 अधिकारियों की एक सूची तैयार की है जिन्हें हड़ताल करवाने के आरोप में निलंबित या बर्खास्त किया जा सकता है.
माना जा रहा है कि हड़ताल जारी रहने की स्थिति में कई और अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा सकती है.


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