'पाक रवैए से जाँच में मदद नहीं'

भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने पाकिस्तान पर अड़ियल रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इससे मुंबई हमलों की जाँच में मदद नहीं मिल रही.
पिछले साल 26 नवंबर को मुंबई पर हुए हमलों में 180 से अधिक लोग मारे गए थे और 300 से ज़्यादा घायल हुए थे. भारत ने 'पाकिस्तान में मौजूद तत्वों' को इन हमलों के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था.
मुखर्जी ने अपने विचार प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर चेन्नई में व्यक्त किए. इससे पहले भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "उग्रवाद और आतंकवाद को भारत की अर्थव्यवस्था, राजनीति और समाज को अस्थिर नहीं करने दिया जाएगा."
पाकिस्तान डिनायल मोड (यानी खंडन करने का रवैया) अपनाए हुए है. उन्हें सबूत देने के 24 घंटे के भीतर यदि वे कहते हैं ये सबूत पर्याप्त नहीं हैं तो इससे जाँच में मदद नहीं मिलती है विदेश मंत्री मुखर्जी
| |
'बात से पलट रहे हैं'
विदेश मंत्री मुखर्जी ने कहा, "पकड़े गए मुंबई हमलावर (कसाब) ने हिरासत में बताया है कि वह कहाँ से आया है, उसका सैन्य प्रशिक्षण कहाँ हुआ और और उसे निर्देश देने वाले कौन थे. दुर्भाग्य से, इसके बावजूद, पाकिस्तान की सरकार ने इस बारे प्रतिक्रिया में लगातार पहले एक बात कही है फिर उससे पलट गए हैं."
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और पाकिस्तान के 'अड़ियल रवैया' की बात करते हुए मुखर्जी ने कहा, "मुंबई पर हुए ताज़ा हमलों पर व्यापक अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया हुई. गुस्सा विदेशी हाथ पर भी था और लोगों के मारे जाने पर भी था. हमलों के एक महीने बाद भी दोषियों को सज़ा दिलाने के मामले पर अड़ियल रवैया ही दिखाई दे रहा है."
बाद में मुखर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "पाकिस्तान डिनायल मोड (यानी खंडन करने का रवैया) अपनाए हुए है. उन्हें सबूत देने के 24 घंटे के भीतर यदि वे कहते हैं ये सबूत पर्याप्त नहीं हैं तो इससे जाँच में मदद नहीं मिलती है."
मुखर्जी का कहना था कि सभी को ये याद रखना चाहिए कि 'आतंकवाद की कोई सीमाएँ नहीं' हैं. उनका कहना था कि सभी देशों को 'आतंकवाद से ख़तरा' है.
भारतीय विदेश मंत्री मुखर्जी का मानना था कि अमरीका में ग्यारह सितंबर के हमलों के बात ये 'अभूतपूर्व आतंकवादी हमला' था. उन्होंने कहा कि ज़रूरी है कि सभी देशों के आतंकवाद निरोधक बल इसका संज्ञान लेते हुए दोषियों को सज़ा दिलाएँ.


Click it and Unblock the Notifications