युद्धविराम के लिए सैद्धांतिक सहमति

इसराइल ग़ज़ा में चरमपंथियों के साथ चल रही कार्रवाई में संघर्षविराम के लिए सैद्धांतिक रुप से राज़ी हो गया है लेकिन ग़ज़ा में सैन्य कार्रवाई जारी है.अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस का कहना है कि वो मिस्र और फ्रांस के युद्धविराम प्रारुप पर इसराइल और अरब सरकारों से बात कर रही हैं.
हमास ने सकारात्मक संदेश की बात की है और इसराइल इस योजना पर विचार के लिए एक शीर्ष अधिकारी को मिस्र भेज रहा है.
संयुक्त राष्ट्र में मिस्र के राजदूत मागेद अब्दलअज़ीज़ ने कहा है कि इसराइल और हमास का तकनीकी प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को काहिरा जा सकते हैं लेकिन ज़रुरी नहीं कि वो आमने सामने की बातचीत करें.
शांति की संभावना
संघर्ष विराम के प्रस्ताव पर इसराइल के सिद्धान्त तौर पर राज़ी हो जाने से ग़ज़ा में जारी संघर्ष के ख़त्म होने की संभावना बढ़ गई है.
इसराइली प्रवक्ता मार्क रेगेव का कहना है कि अब चुनौती संघर्ष विराम की बारीक़ियों और सिद्धांत को एक करने की होगी. वहीं हमास का कहना था कि संकेत सकारात्मक तो हैं मगर अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है.
उधर संयुक्त राष्ट्र में मसले को लेकर बैठक तो हो रही है मगर एकजुट होकर संदेश क्या दिया जाए इस पर एकमत नहीं दिख रहा.अरब देशों की ओर से लीबिया ने एक प्रस्ताव रखा जिसमें संघर्ष विराम की बात की गई है.
इसराइल शांति के लिए राज़ी है लेकिन कार्रवाई बंद नहीं की है
मगर अमरीका के नेतृत्त्व में फ़्रांस और ब्रिटेन जैसे देश उससे पूरी तरह सहमत नहीं क्योंकि उनका कहना है कि प्रस्ताव की भाषा काफ़ी एकतरफ़ा है और इसराइल की कुछ ज़्यादा ही आलोचना की गई है.
इन देशों ने एक दूसरा ही प्रस्ताव रखा है जो मिस्र की ओर से हुई शांति की पहल का स्वागत करता है. बयान पर सभी 15 देशों की सहमति चाहिए जो कि वहाँ नहीं है.
फ़लस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि जब से इसराइली कार्रवाई शुरू हुई है कम से कम 683 फ़लस्तीनी मारे गए हैं और 3085 घायल हैं.
दोनों ही पक्षों पर संघर्ष विराम स्वीकार करने का दबाव तो बढ़ रहा है मगर इसराइल दक्षिणी इसराइल पर रॉकेट हमले रोकना चाहता है और हमास ग़ज़ा का इसराइली घेराव ख़त्म करवाना चाहता है.
इसराइल ग़ज़ा सीमा पर मौजूद बीबीसी संवाददाता जेरेमी बोवेन का कहना है कि दोनों ही पक्ष संघर्ष विराम से क्या चाहते हैं इसके संकेत अब मिलने लगे हैं.
ग़ज़ा से लगी मिस्र की सीमा सुरक्षित की जाए जिससे हथियारों की आवाजाही रुक सके और इसराइल और ग़ज़ा के बीच की सीमा खुले. ये कुछ ऐसी चीज़ें हैं जिससे इसराइल और हमास दोनों को कुछ ठोस मिल जाएगा.
मगर इसराइल के नज़रिए से देखें तो परेशानी ये है कि ऐसे में हमास ये दावा करेगा कि फ़लस्तीनी प्रतिरोध की वजह से इसराइल को पीछे हटना पड़ेगा और उसने ग़ज़ा का घेराव समाप्त किया. इसराइल तो हमास को कमज़ोर करना चाहता है इसलिए वो ऐसी स्थिति क़तई नहीं चाहता.
इन सब कूटनीतिक गतिविधियों के बीच इसराइल ने कल तीन घंटे के लिए सैनिक कार्रवाई रोकी जिससे उस क्षेत्र में लोगों तक ईंधन और खाद्य सामग्री की आपूर्ति हो सके.
उस दौरान ग़ज़ा निवासी सड़कों पर उमड़ पड़े जिससे वे खाने पीने का सामान जुटा सकें या अस्पताल में भर्ती रिश्तेदारों का हालचाल ले सकें. मगर ये ज़्यादा देर नहीं रहा और इसराइल ने उसके बाद सैनिक कार्रवाई फिर से शुरू कर दी.


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