ग़ज़ा पर इसराइली हवाई हमले तेज़

israel attack

इसराइल ने ग़ज़ा पर बमबारी फिर तेज़ कर दी है. इस बीच लेबनान से इसराइली सीमा में रॉकेट दागे गए हैं जिससे तनाव बढ़ने की आशंका है.

इसराइल ने बुधवार रात को ग़ज़ा में हमलों के लिए जंगी विमानों का इस्तेमाल किया. युद्धक विमानों ने 60 उड़ानें भरी.इसराइल ने ये हमले पुलिस स्टेशन, हमास के दस सुरंगों, हथियार भंडारण सुविधाओं, लाँचिंग पैड और हमास बंदूकधारियों पर किए हैं.

पिछले तेरह दिनों से जारी हमलों में लगभग 700 फ़लस्तीनी और 11 इसराइली मारे गए हैं.

युद्धविराम की कोशिश

इस बीच युद्धविराम की कोशिशें भी तेज़ हो गई हैं. इसराइल के सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि गुरुवार को इसराइली रक्षा अधिकारी अमोस गिलाड युद्धविराम पर चर्चा के लिए मिस्र की राजधानी काहिरा जा रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र में मिस्र के राजदूत मागेद अब्दुल अज़ीज़ ने कहा है कि इसराइल और हमास के प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को काहिरा जा सकते हैं लेकिन ज़रुरी नहीं कि वो आमने-सामने की बातचीत करें.

उधर शुक्रवार को फ़लस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के काहिरा पहुँचने की उम्मीद है.

हालाँकि बीबीसी के मध्यपूर्व एशिया संवाददाता जेरेमन बोवेन का कहना है कि अगले कुछ घंटों में इसराइल और हमले की योजना बना रहा है.

इसराइली सेना का कहना है कि नौसेना और तोप इकाइयों ने रातभर सेना को सहयोग देना जारी रखा और एक सैनिक के मामूली तौर पर ज़ख़्मी होने की ख़बर है.

अपुष्ट ख़बरों के अनुसार आधी रात के बाद दक्षिण में ख़ान यूनुस की तरफ़ इसराइली टैंक को बढ़ते हुए देखा गया है. युद्धविराम की कोशिशों के बीच बुधवार को इसराइल इसके लिए सैद्धांतिक रुप से राज़ी हो गया.

संघर्षविराम का प्रारुप मिस्र और फ़्रांस ने तैयार किया है और इसे अमरीका का समर्थन प्राप्त है. लेकिन इसराइल ने कहा है कि वो इस प्रारुप के तमाम पहलुओं को देखना चाहता है.

अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस का कहना है कि वो मिस्र और फ्रांस के युद्धविराम प्रारुप पर इसराइल और अरब सरकारों से बात कर रही हैं.

शांति की संभावना

संघर्ष विराम के प्रस्ताव पर इसराइल के सिद्धान्त तौर पर राज़ी हो जाने से ग़ज़ा में जारी संघर्ष के ख़त्म होने की संभावना बढ़ गई है.

इसराइली प्रवक्ता मार्क रेगेव का कहना है कि अब चुनौती संघर्ष विराम की बारीक़ियों और सिद्धांत को एक करने की होगी. वहीं हमास का कहना था कि संकेत सकारात्मक तो हैं मगर अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है.

उधर संयुक्त राष्ट्र में मसले को लेकर बैठक तो हो रही है मगर एकजुट होकर संदेश क्या दिया जाए इस पर एकमत नहीं दिख रहा. अरब देशों की ओर से लीबिया ने एक प्रस्ताव रखा जिसमें संघर्ष विराम की बात की गई है.

इसराइल शांति के लिए राज़ी है लेकिन कार्रवाई बंद नहीं की है

मगर अमरीका के नेतृत्त्व में फ़्रांस और ब्रिटेन जैसे देश उससे पूरी तरह सहमत नहीं क्योंकि उनका कहना है कि प्रस्ताव की भाषा काफ़ी एकतरफ़ा है और इसराइल की कुछ ज़्यादा ही आलोचना की गई है.

इन देशों ने एक दूसरा ही प्रस्ताव रखा है जो मिस्र की ओर से हुई शांति की पहल का स्वागत करता है. बयान पर सभी 15 देशों की सहमति चाहिए जो कि वहाँ नहीं है.

फ़लस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि जब से इसराइली कार्रवाई शुरू हुई है कम से कम 683 फ़लस्तीनी मारे गए हैं और तीन हज़ार 85 घायल हैं.

दोनों ही पक्षों पर संघर्ष विराम स्वीकार करने का दबाव तो बढ़ रहा है मगर इसराइल दक्षिणी इसराइल पर रॉकेट हमले रोकना चाहता है और हमास ग़ज़ा का इसराइली घेराव ख़त्म करवाना चाहता है.

इसराइल ग़ज़ा सीमा पर मौजूद बीबीसी संवाददाता जेरेमी बोवेन का कहना है कि दोनों ही पक्ष संघर्ष विराम से क्या चाहते हैं इसके संकेत अब मिलने लगे हैं.

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