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ग़ज़ा में लड़ाई तेज़, कूटनीतिक प्रयास भी

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ग़ज़ा में लड़ाई तेज़, कूटनीतिक प्रयास भी

ग़ज़ा पट्टी में इसराइली सेना और फ़लस्तीनी लड़ाकों के बीच संघर्ष तेज़ हो गया है. वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय की संघर्ष रोकने की कोशिशों ने भी गति पकड़ी है.

जहाँ हमास ने कहा है कि वे इसराइली सेना को कड़ी चुनौती दे रहे हैं वहीं इसराइली सेना ने दावा किया है कि पिछले तीन दिनों की ज़मीनी कार्रवाई के दौरान 130 फ़लस्तीनी लड़ाके मारे गए हैं.

सोमवार की देर रात एक कार्रवाई में इसराइली टैंक ने ग़लती से एक ऐसी दीवार को निशाना बनाया जिसके पास इसराइली सैनिक छिपे थे.

इस हमले में तीन इसराइली सैनिकों की मौत हो गई और 24 सैनिक घायल हो गए. किसी एक हमले में इसराइल को पिछले कुछ दिनों के दौरान यह सबसे बड़ा नुकसान बताया जा रहा है.

उधर इलाक़े में शांति स्थापित करने के यूरोपीय देशों के प्रयास अब तक विफल रहे हैं फिर भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से शांति बहाली के प्रयास जारी हैं.

ग़ज़ा में भीषण संघर्ष को रोकने के मकसद से अरब देशों के मंत्रियों की संयुक्त राष्ट्र में एक अहम बैठक हुई.

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव से मुलाका़त करके अपील की कि अरब देशों की ओर से ग़ज़ा में जारी युद्ध को रोकने के लिए लाए गए प्रस्ताव का समर्थन करें.

पर यहाँ ग़ौर करने वाली बात है कि इसराइल से महासचिव बान की मून पहले ही संघर्ष रोकने के लिए कह चुके हैं और कड़े शब्दों में हमलों पर अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं पर इसका इसराइली पर कुछ असर होता नज़र नहीं आया.

उधर फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास सुरक्षा परिषद की एक बैठक में इन्हीं प्रयासों के तहत हिस्सा लेने वाले हैं जहाँ उनके साथ साउदी अरब, मिस्र, फ्रांस और ब्रिटेन देशों के विदेश मंत्री भी होंगे

ग़ज़ा पर इसराइली हमलों को 11 दिन बीत चुके हैं और 500 से ज़्यादा लोगों की ग़ज़ा क्षेत्र में मौत हो चुकी है.

चिंताजनक स्थिति

हमले में हथियारों के गोदाम, सुरंगों और हमास के लड़ाकों के घरों को निशाना बनाया गया. फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार जिन लोगों की मौत हो चुकी है उनमें से अधिकतर आम नागरिक हैं.

डॉक्टरों का कहना है कि हताहतों की संख्या बढ़ रही है और अस्पताल इतने घायलों से निपटने में अक्षम होते जा रहे हैं.

ग़ज़ा पट्टी में पानी, बिजली और संचार की व्यवस्था ठप्प हो गई है

इसराइल ने पहले हवाई हमले किए थे जिसके बाद ज़मीनी हमला किया गया. इन हमलों में अब तक कुल 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों का कहना है कि हज़ारों की संख्या में फ़लस्तीनी ग़ज़ा में अपने घर छोड़कर भागने को मज़बूर हो रहे हैं जबकि ग़ज़ा पट्टी में आना जाना अत्यंत ख़तरनाक हो चुका है.

इसराइली सीमा के पास के इलाक़ों से अपने घरों को छोड़कर भागे क़रीब पांच हज़ार फ़लस्तीनियों ने संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी शिविरों में पनाह ली है.

ग़ज़ा पट्टी में इसराइली हमले शुरु होते ही विभिन्न स्तरों पर शांति के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन अब तक इसमें कोई सफलता नहीं मिल सकी है.

मध्य पूर्व के दौरे पर गए फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सारकोज़ी ने सोमवार को रामल्लाह में फ़लस्तीनी नेताओं के साथ बैठक की जिसके बाद उन्होंने तत्काल कुछ समय के लिए युद्धविराम की अपील की ताकि अधिक से अधिक मानवीय मदद पहुंचाई जा सके.

उधर यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों का एक दल इसराइली अधिकारियों और मिस्र के अधिकारियों से मिला है लेकिन संवाददाताओं का कहना है कि किसी के पास संकट को समाप्त करने के लिए कोई ठोस प्रस्ताव नहीं है.

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