पशुपतिनाथ मंदिर से भारतीय पुजारी हटाए

माओवादी अपने द्वारा नियुक्त किए गए पुजारियों की मदद के लिए अपने साथ दो और ब्राहमणों को ले गए।
गौरतलब है कि माओवादियों ने पशुपतिनाथ मंदिर से भारतीय पुजारियों को हटा कर उनकी जगह स्थानीय पुजारी लगा दिए हैं।
इस मामले पर स्थानीय भंडारी समुदाय ने संघर्ष करने का फैसला किया है।
भंडारी समुदाय का कहना है कि मंदिर को माओवादियों के चंगुल से बचाने के लिए वे चरणबद्ध ढंग से आंदोलन करेंगे।
इस समुदाय के लोगों के हाथों में सदियों से प्रार्थना सामग्री का प्रबंधन तथा मंदिर की बहुमूल्य संपत्ति की रक्षा का दायित्व रहा है।
इनका कहना है कि माओवादियों की घुसपैठ से मंदिर की रक्षा के लिए उनके पास संघर्ष के सिवाय कोई और विकल्प नहीं बचा है।
शिवशरणराज भंडारी ने कहा अब जब माओवादी सरकार ने उच्चतम न्यायालय का फैसला मानने से इंकार कर दिया है तो हमारे पास चरणबद्ध आंदोलन छेड़ने के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचा है और हम इसकी रूपरेखा जल्द प्रकाशित करेंगे।


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