ट्रक हड़ताल शुरू, करोड़ों का माल अटका

हड़ताल के दौरान किसी भी प्रकार की अराजक स्थिति न पैदा हो इसलिए लंबी दूरी व मध्यम दूरी के माल की बुकिंग दो दिन पहले ही बंद कर दी गई थी। रविवार को दोपहर में सिर्फ आसपास का माल ही ट्रकों से पहुंचाये गये।
देर रात तक ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों ने अपने प्रतिष्ठानों से व्यापारियों को माल डिलीवर किया। हड़ताल के चलते पेट्रोल, डीजल, दूध, सब्जी, फल, गैस, आदि जैसी मूलभूत समग्री समेत सभी प्रकार की सप्लाई थम गई है।
देर रात तक नहीं हुआ समझौता
नई दिल्ली में ट्रांसपोर्टरों और केंद्र सरकार के बीच हुई वार्ता में देर रात तक कोई समझौता नहीं हो सका। वार्ता विफल होने पर ट्रांसपोर्टरर्स एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी।
हड़ताल के बाद से अबतक सरकार ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं होने देने का दावा किया है। चक्का जाम होते ही देश भर में विभिन्न जगहों पर माल ले जा रहे ट्रक जहां थे वहीं थम गये।
अनुमान है कि दस लाख से ज्यादा ट्रक सड़क पर जहां हैं वहीं खड़े कर दिये गये। ट्रक ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स यूनियन का कहना है कि इस हड़ताल से करीब करोड़ों रुपए का कारोबार प्रभावित होगा। इसके अलावा प्रतिदिन होने वाला माल न तो बुक हो पाएगा और न ही स्थानांतरित।
डीजल, टायर के मूल्य कम करने की मांग
आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के महासचिव एस वेणुगोपाल के मुताबिक सरकार के साथ हमारी बातचीत विफल हो गई है। सरकार ने केवल मौखिक आश्वासन दिया है। सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आ पाया है।
ट्रांसपोर्टर, आर्थिक मंदी से मुकाबले के लिए डीजल के मूल्यों में 10 रुपये तक की कटौती तथा टायर की कीमतें घटाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही अगले छह महीने तक पथ कर माफ करने की भी उन्होंने मांग की हैं। वेणुगोपाल ने दावा किया कि हड़ताल के कारण सोमवार से 60 लाख ट्रक सड़कों पर नहीं उतरेंगे।


Click it and Unblock the Notifications