2020 तक चांद पर लहरायेगा तिरंगा

भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान संगठन (इसरो) के अंतरिक्ष आयोग के सदस्य डा के राधाकृष्णन ने कहा है कि देश का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान भी वर्ष 2015 में संपन्न कराने की योजना है।
डा राधाकृष्णन ने कहा है कि 2015 तक पृथ्वी से 200 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष की कक्षा में दो व्यक्तियों को भेजने की योजना है।
राधाकृष्णन ने 96 वीं इंडियन साइंस कांग्रेस में कहा कि यह पहली बार होगा जब भारतीय तकनीक से निर्मित यान से भारतीय यात्री अंतरिक्ष यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को लेकर इसरो काफी गंभीरता से काम कर रहा है।
चंद्रयान द्वितीय की तैयारी
डा राधाकृष्णन ने कहा कि फिलहाल इसरो चंद्रयान द्वितीय की तैयारी में जुटा हुआ है। चंद्रयान प्रथम की सफलता के बाद सरकार ने द्वितीय को भेजने की अनुमति प्रदान कर दी है।
उन्होंने कहा कि चंद्रयान प्रथम एक अत्याधुनिक रिमोट सेंसिंग अंतरिक्षयान है, जो चंद्रमा की सतह पर अयस्कों की प्रकृति को जानने में सहायता कर रहा है।


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