लिट्टे ने हार नहीं मानी: तमिल सांसद

लिट्टे समर्थक तमिल नेशनल एलायंस (टीएनए) के सांसद एम. के. शिवाजी लिंगम ने कहा, "अगर लिट्टे को मुल्लइतिवु में भी हार का मुंह देखना पड़ा तो भी वह अपना संघर्ष जारी रखेंगे।"
मुल्लइतिवू ही अब लिट्टे का मुख्य गढ़ है। गौरतलब है कि शुक्रवार को लिट्टे की राजनीतिक राजधानी किलिनोच्चि पर श्रीलंका सेना के कब्जे के बाद राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने लिट्टे से आत्मसर्मपण को कहा था।
राष्ट्रपति ने सेना की इस कामयाबी को बड़ी उपलब्धि करार दिया है। शिवाजी लिंगम ने कहा कि यह सचमुच क्षति है लेकिन तमिल विद्रोही किसी भी सूरत में हार नहीं मान सकते।
श्रीलंका में जारी जातीय हिंसा में वर्ष 1983 से अब तक 70,000 से अधिक जानें जा चुकी हैं।


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