बांग्लादेश कार्रवाई करे: तरुण गोगोई

गुवाहाटी में हुए बम धमाकों के बाद मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा है कि बांग्लादेश की नई सरकार अल्फा और अन्य संगठनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे.
ग़ौरतलब है कि मुख्यमंत्री गोगोई का बयान गुरुवार को राजधानी गुवाहाटी में हुए तीन बम धमाकों के बाद आया है. इन धमाकों में पाँच लोग मारे गए और 51 घायल हो गए.
राज्य की पुलिस ने कहा है कि असम में सक्रिय चरमपंथी संगठन यूनाइटेड लिब्रेशन फ़्रंट ऑफ़ असम (अल्फ़ा) को दोषी ठहराया है. महत्वपूर्ण है कि ये धमाके गोवाहाटी के भीड़भाड़ वाले इलाक़ों में केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम की असम यात्रा से ठीक पहले हुए.
ये तत्व अपनी कार्रवाई बाहरी ताकतों की शह पर कर रहे हैं. बांग्लादेश की नई प्रधानमंत्री को चाहिए कि अल्फ़ा और अन्य ऐसे संगठन जो वहाँ शरण लेतें हैं और जिनमें हूजी भी शामिल है, वहाँ शरण न ले पाएँ. उम्मीद है कि भारत बांग्लादेश पर इस बारे में दबाव बनाएगा मुख्यमंत्री तरुण गोगोई
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असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने मीडिया को बताया, "ये तत्व अपनी कार्रवाई बाहरी ताकतों की शह पर कर रहे हैं. बांग्लादेश की नई प्रधानमंत्री को चाहिए कि वे अल्फ़ा और अन्य ऐसे संगठन जो वहाँ शरण लेतें हैं और जिनमें हूजी (हरकत उल जेहाद-ए-इस्लामी) भी शामिल है, उन्हें वहाँ शरण न लेने दें. उम्मीद है कि भारत बांग्लादेश पर इस बारे में दबाव बनाएगा."
उन्होंने माना कि सुरक्षा में कमी रही है और कहा कि वे पुलिस बल को संख्या और तकनीक के नज़रिए से आधुनिक बल बनाना चाहते हैं.
'और नुकसान हो सकता था'
इससे पहले असम के पुलिस प्रमुख जीएम श्रीवास्तव ने कहा था, "इस मामले में हमें पता है कि ये अल्फ़ा की कार्रवाई है. अल्फ़ा के कुछ सदस्यों के शहर में घुसने की हमें जानकारी मिली थी. यदि पुलिस सतर्क न होती तो और भी नुकसान हो सकता था."
पहला विस्फोट बिरुबारी में हुआ था जहाँ तीन लोग घायल हुए. भूतनाथ इलाक़े में साइकल पर रखे विस्फोटक के फटने से चार लोग घायल हो गए. केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम को इस रास्ते से होकर गुजरना था.
इस मामले में हमें पता है कि ये अल्फ़ा की कार्रवाई है. अल्फ़ा के कुछ सदस्यों के शहर में घुसने की हमें जानकारी मिली थी. यदि पुलिस सतर्क न होती तो और भी नुकसान हो सकता था असम पुलिस प्रमुख
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तीसरा धमाका भंगागढ़ में बिग बाज़ार के शो रुम के बाहर हुआ. इससे पहले शाम को नगर निगम के दफ़्तर में कूड़ेदानी में हुए विस्फोट में तीन लोग घायल हुए थे.
ग़ौरतलब है कि पिछले साल 30 अक्तूबर को गुवाहाटी और आस-पास के इलाक़ों में सिलसिलेवार विस्फोट हुए थे जिनमें 80 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.


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