भारतीय नाई को 12 वर्ष की सजा

22 वर्षीय नागराजन वैठीलिंगम ने सज़ा सुनते हुए चेहरे पर कोई डर या शिकन आने नहीं दिया। नागराजन को अपने किए का कोई पछतावा नहीं।
नागराजन पर अपने साथियों के साथ मिलकर 33 वर्षीय गंथी कानापथी के सिर पर डंडे से प्रहार कर उसे मौत के घाट उतारने का आरोप था। नागराजन का आरोप था कि उसका नियोक्ता उसका और उसके दो साथियों मुरुगेसन एवं रामालिंगम के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध स्थापित किया करता था।
अदालत ने मुरुगेसन और रामालिंगम को सुबूत के अभाव में बरी करते हुए उन्हें वापस भारत भेजने का आदेश दिया है। इसके लिए उन्हें आव्रजन विभाग के हवाले करने को कहा गया है।


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