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परमाणु सूची की अदला-बदली

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nuclear deal

भारत और पाकिस्तान ने बुधवार को अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची एक-दूसरे को सौंपी. ऐसा दोनों देशों ने 1988 में हुए एक समझौते के तहत किया.

सूची का आदान-प्रदान दोनों देशों ने एक समझौते के तहत किया. इसका उद्देश्य एक-दूसरे के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले से बचना है.पिछले साल नवंबर में मुंबई पर हुए चरमपंथी हमले के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बाद भी ऐसा किया गया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में गुरुवार को विदेश विभाग के एक अधिकारी ने पाकिस्तान के परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी को सौंपी.

क़ैदियों की भी सूची

नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों ने एक ऐसी ही सूची पाकिस्तान उच्चायोग के एक अधिकारी को सौंपी.एजेंसी के मुताबिक़ दोनों देशों ने अपने यहाँ की जेलों में बंद क़ैदियों की ताज़ा सूची भी सौंपी.

भारत-पाकिस्तान ने एक दूसरे के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला न करने के लिए 1988 में एक समझौता किया था. इस समझौते को 1991 में मंज़ूरी मिली थी.

इस समझौते के तहत दोनों देश हर साल पहली जनवरी को अपने परमाणु हथियारों और प्रतिष्ठानों की सूची एक-दूसरे को सौंपते हैं.

भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों ने हाल ही में कहा था कि मुंबई पर हुए चरमपंथी हमले के बाद बढ़े तनाव से सूची सौंपने का काम प्रभावित नहीं होगा और हर साल की तरह वह अपने नियत समय पर होगा.

दोनों देशों ने अपनी जेलों में बंद भारतीय और पाकिस्तानी क़ैदियों की सूची भी सौंपी है. पिछले साल नवंबर में गृह सचिव स्तर पर हुई वार्ता में क़ैदियों की ताज़ा सूची सौंपने पर सहमित बनी थी.

अभी इस बात का पता नहीं चल पाया है कि दोनों देशों ने अपने यहाँ के कितने क़ैदियों की सूची एक-दूसरे को सौंपी है.

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