'खुद जरदारी बन सकते हैं प्रधानमंत्री'

Asif Ali Zardari
इस्लामाबाद, 29 दिसम्बर: पाकिस्तान के राजनीतिक हलकों में इन दिनों यह चर्चा जोरों पर है कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की जगह खुद प्रधानमंत्री बन सकते हैं। इसके लिए वे राष्ट्रपति के सभी विशेषाधिकारों को संवैधानिक तौर पर प्रधानमंत्री पद में निहित कर देना चाहते हैं।

सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि पीपीपी के ही कुछ नेताओं द्वारा मरहूम पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की राजनीतिक इच्छाओं के पूरा नहीं किए जाने के खिलाफ अभियान चलाने के कारण जरदारी ने यह निर्णय लिया है।

पीपीपी नेता ने बताया कि इसके लिए पूर्व सैनिक शासक परवेज मुशर्रफ द्वारा करवाए गए विवादास्पद संविधान संशोधन को संसद से रद्द करवाया जाएगा। मुशर्रफ ने सभी विशेषाधिकार राष्ट्रपति पद में शामिल कर दिए थे।

नाम न बताने की शर्त पर पीपीपी नेता ने बताया कि विवाद से बचने के लिए जरदारी अपने पिता हकीम अली जरदारी या पीपीपी के किसी वफादार को राष्ट्रपति बना सकते हैं।

पीपीपी के इस नेता ने बताया कि पार्टी के अंदर के ही कुछ लोगों ने ही जरदारी को यह सलाह दी थी, जिससे वे पूरी तरह सहमत दिखे। सलाह देने वालों ने जरदारी के समक्ष यह तर्क दिया कि जब श्रीलंका में मां-बेटी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति, पाकिस्तान में भाई-भाई प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बन सकते हैं तो पिता-पुत्र क्यों नहीं देश के शीर्ष पदों पर बैठ सकते हैं।

पीपीपी के नेता हालांकि गिलानी और जरदारी के बीच मतभेदों से आधिकारिक तौर पर इनकार करते हैं लेकिन अंदरूनी सूत्रों के अनुसार दोनों के संबंध टूटने के कगार पर पहुंच चुके हैं।

एक अन्य पार्टी नेता ने कहा कि गिलानी ने जरदारी का आदेश मानने से साफ इनकार कर दिया है और स्पष्ट कर दिया है कि सभी कार्य महत्व के आधार पर किए जाएंगे।

इस बदलाव के संसद के ऊपरी सदन सीनेट के मार्च में होने वाले चुनावों के बाद होने की उम्मीद है। जहां पीपीपी अपनी वर्तमान नौ सीटों से बढ़कर 100 सदस्यीय सीनेट में आधे स्थान हासिल करने की स्थिति में हो जाएगी।

अभी पीपीपी और उसके सहयोगी दल मुशर्रफ के संविधान संशोधन को समाप्त करने के लिए नेशनल असेंबली और सीनेट में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा सकते लेकिन मार्च के चुनाव के बाद यह संभव हो सकता है।

पीपीपी सरकार के पंजाब प्रांत की मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सरकार के प्रमुख शहबाज शरीफ और उनके भाई पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से भी संबंध खराब हैं। जरदारी ने सलमान तासीर को पंजाब प्रांत का राज्यपाल नियुक्त किया है।

सलमान तासीर ने पीएमएल-एन की सरकार को गिराने के लिए पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री परवेज इलाही की पीएमएल-क्यू पार्टी से संपर्क साधा है। इलाही ने अपने बेटे मुनीस को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने की शर्त पर शहबाज शरीफ की सरकार को गिराने के लिए पीपीपी को समर्थन का प्रस्ताव रखा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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