पैसे के नाम से जलती है की बत्ती

चौंकने की जरूरत नहीं है। केलीफोर्निया विश्वविद्यालय के एक अंतरराष्ट्रीय दल का कहना है कि धन दौलत के विचार में इतनी ऊर्जा होती है कि की गुल बत्ती भी रोशन हो जाती है।
दल ने पाया है कि धन के विचार दरअसल के उस हिस्से को जगा देते हैं जो दृश्य क्षमता के लिए जिम्मेदार होते हैं। उम्र में बदलाव और रंग संबंधी मूल विशेषताओं को अपने में समेटे होता है।
शोधकर्ताओं का यह निष्कर्ष कई ों की स्केनिंग पर आधारित है। प्रमुख शोधकर्ता डाक्टर जान सेरेन्स का कहना है कि इसके निष्कर्षों पर कुछ ज्यादा कहना अभी जल्दबाजी होगी लेकिन इससे एक बात की संभावना व्यक्त अवश्य होती है कि जिसकी कीमत या महत्व हम ज्यादा समझते हैं उसके प्रति हमारा तेजी से प्रतिक्रिया देता है।
यह अध्ययन न्यूरोन नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है।


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