इंजीनियर हत्याकांड पर गर्म हुई राजनीति

सपा से लेकर कांग्रेस तक सभी विपक्षी दल इस मुद्दे को भुनाने में लग गये हैं। इसके साथ ही प्रदेश सरकार पर छींटाकशी का दौर भी तेज हो गया है।
प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने इस मामले को लेकर सड़कों पर जाम प्रदर्शन किया तो कांग्रेस ने प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने की बात कही है।
गुरुवार को सपा के सैकड़ों कार्यकर्ता प्रदेश बंद का आह्वान कर सड़कों पर उतर आये। सपा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव और पार्टी के युवा सांसद अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपाइयों ने लखनऊ में राजभवन के सामने धरना दिया और सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तारियां दीं। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ तीखी झ्झड़प भी हुई।
सीबीआई जांच की मांग खारिज
मुख्यमंत्री मायावती द्वारा हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग खारिज किये जाने पर सपा महासचिव अमर सिंह ने कहा कि माया राज में यहां तो खौफ और आतंक का माहौल है।
शिवपाल सिंह ने कहा कि आमतौर पर जन्मदिन पर तोहफे के रूप में फूल मांगे जाते हैं लेकिन सूबे की मायावती अपने जन्मदिन पर खून मांग रही हैं। वे माफियाओं और गुंडों से चंदा उगाही कराकर पूरे राज्य की जनता को लूटने में लगी हैं। यादव ने बसपा सरकार को तत्काल बर्खास्त किए जाने की मांग की।
सपा सांसद जयाप्रदा ने भी अभियंता हत्यकांड के विरोध में अपने संसदीय क्षेत्र रामपुर में अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ गिरफ्तारी दी। बंद का असर इलाहाबाद, कानपुर, वाराणसी समेत सभी प्रमुख शहरों में भी देखा गया।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने दिवंगत अभियंता के बेटे से न सिर्फ खुद फोन पर बात की बल्कि उत्तरप्रदेश से अपनी पार्टी के सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद को तत्काल औरैया रवाना होने का निर्देश दिया। राहुल गांधी ने भी प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल होने की बात कही है।
मनोज गुप्ता के सिर के बाल तक उखाड़े गये
दिवंगत अभियंता मनोज गुप्ता के शव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उन्हें पीटने वालों की बर्बता सामने आयी है। रिपोर्ट के मुताबिक उनके शव पर 32 चोटों के निशान पाए गए हैं।
पोस्टमॉर्टम करने वाली टीम के एक डॉक्टर के मुताबिक मनोज गुप्ता को पहले बुरी तरह पीटा गया और फिर उनका एक हाथ तोड़ दिया गया था और सिर के बाल उखाड़ लिए गए थे। इसके अलावा उन्हें बिजली का करंट भी दिया गया था।
मायावती का पक्ष
सपा द्वारा गुप्ता की हत्या की वजह चंदा उगाही बताए जाने के आरोप को पूरी तरह खारिज करते हुए मायावती ने कहा कि सपा मेरी सरकार के खिलाफ साजिश रच रही है।
उन्होंने इस हत्या के पीछे पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का हाथ होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अपराधी तत्वों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी, चाहे वह
उनकी अपनी ही पार्टी का ही क्यों न हो। मायावती ने कहा कि मैंने कभी अपने किसी कार्यकर्ता को जन्मदिन के लिए पैसे एकत्र करने को नहीं कहा। इस घटना को मेरे जन्मदिन से जोड़कर देखना गलत है। यह पूरी तरह विपक्षी पार्टियों की साजिश है।
उल्लेखनीय है कि औरैया में बुधवार को मनोज गुप्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। बसपा के स्थानीय विधायक शेखर तिवारी पर गुप्ता की हत्या करवाने का आरोप है। आरोपी शेखर तिवारी को सात जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


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