क्रिसमस पर उड़ीसा में कड़ी सुरक्षा

उड़ीसा के हिंसाग्रस्त कंधमाल ज़िले में क्रिसमस को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं. इस ज़िले की सीमाएँ सील कर दी गई हैं.
कंधमाल और आस-पास के ज़िलों में इस वर्ष विश्व हिंदू परिषद के नेता स्वामी लक्ष्मणानंद की हत्या के बाद व्यापक सांप्रदायिक हिंसा हुई थी. इनमें तीस से ज़्यादा लोगों की जानें गईं थीं और सैंकड़ों लोग घायल हुए थे.
हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कई चर्चों को भी नुकसान पहुँचाया था. हिंदा के बाद ईसाई धर्म अपनाने वाले आदिवासियों की बड़ी संख्या अभी भी शरणार्थी शिविरों में रहने को मज़बूर हैं.
राज्य सरकार ने क्रिसमस के मौके पर लोगों से शांति और सदभावना बनाए रखने की अपील की है. सिर्फ़ कंधमाल ज़िले में पाँच हज़ार से ज़्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है.
राज्य के पुलिस प्रमुख मनमोहन प्रहराज ने बताया कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए हेलिकॉप्टर से गश्त लगाया जा रहा है.
राज्य सरकार ने संभलपुर और सुंदरगढ़ को भी संवेदनशील इलाक़ा घोषित कर दिया है. कंधमाल के 30 चर्चों में विशेष इंतज़ाम किए गए हैं ताकि ईसाई समुदाय के लोग शांतिपूर्ण ढंग से क्रिसमस मना सकें.
उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और धर्मांतरण का विरोध करने वाले हिंदू जागरण मंच ने शांति बनाए रखने की अपील की है.इसके बावजूद कटक-भुवनेश्वर के आर्चबिशप रफायल चीनथ का कहना है कि कंधमाल ज़िले में तनाव अभी भी बरकरार है और दूर-दराज़ के गाँव वालों को हिंसा का भय सता रहा है.


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