वीआईपी सुरक्षा के लिए हो अलग एजेंसी: एनएसजी

दत्त ने एक विशेष बातचीत में कहा, "अतिविशिष्ट लोगों की सुरक्षा किसी एकीकृत एजेंसी को सौंप दी जानी चाहिए या फिर इसके लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की तर्ज पर एक नई एजेंसी का गठन किया जाना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि एकीकृत या नई एजेंसी अतिविशिष्ट लोगों की सुरक्षा के लिए महारत हासिल करेगी। यह अतिविशिष्ट लोगों के लिए भी बेहतर रहेगा। एनएसजी महानिदेशक ने कहा कि यह केंद्र सरकार को तय करना है कि अतिविशिष्ट लोगों की सुरक्षा की समीक्षा का समय आ गया है या नहीं।
एनएसजी का गठन वर्ष 1984 में आतंकवादी हमलों जैसी बड़ी वारदातों से मुकाबले के लिए हुआ था। इसके दो अंग हैं- विशेष कार्रवाई समूह (एसएजी) और विशेष रेंजर्स समूह(एसआरजी)।
उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय में एसआरजी के आधे से भी ज्यादा जवान अतिविशिष्ट लोगों की सुरक्षा में लगे हैं। राजधानी दिल्ली में ही एनएसजी के लगभग 400 जवान अतिविशिष्ट लोगों की सुरक्षा में तैनात हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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