यूपी में नरभक्षी बाघ का आतंक

पीलीभीत के जंगल से आये इस बाघ ने मंगलवार को बाराबंकी जिले में एक किशोर को मार डाला। इस घटना के बाद बाघ को नरभक्षी घोषित कर दिया गया है। पिछले एक महीने से घूम रहे इस बाघ के पीछे वन विभाग के तमाम अधिकारी दौड़ रहे हैं, लेकिन वो पकड़ में नहीं आ रहा है।
यह बाघ पीलीभीत के जंगल से चला और लखीमपुर व सीतापुर होते हुए मंगलवार को बाराबंकी के सराय बिलहरी गांव में पहुंच गया। यहां उसने खुशीराम नाम के एक 14 वर्षीय किशोर को अपना निशाना बनाया। इससे पहले भी जहां-जहां यह बाघ गया उसने लोगों को निशाना बनाने की कोशिश की।
घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे प्रदेश के मुख्य वन्य जीव संरक्षक बीके पटनायक ने ने बताया कि बाघ को नरभक्षी घोषित कर वन अधिकारियों को देखते ही गोली मारने के निर्देश दिए गये हैं।
पटनायक के मुताबिक 42 निशानेबाजों के एक दल और दुधवा नेशनल पार्क के चार हाथियों को बाघ के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में सराय बिलहरी गांव में लगाया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग की पूरी कोशिश रहेगी कि बाघ को जिंदा पकड़ लिया जाए, लेकिन वन अधिकारियों को बाघ पर गोली चलाने की पूरी छूट है।
इससे पहले उत्तरप्रदेश सरकार ने बाघ को अब तक न पकड़े जाने पर वन विभाग के अधिकारियों को मंगलवार को तलब किया। सरकार ने वन विभाग से बाघ को पकड़ने के लिए की जा रही कार्यवाई की रिपोर्ट मांगी है।
बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग की तरफ से 200 अधिकारी और कर्मचारी तैनात किये गये थे, लेकिन उसे पकड़ा नहीं जा सका।
गौरतलब है कि यह बाघ महीने भर पहले पीलीभीत के जंगल से निकला बाघ बाराबंकी, शाहजहांपुर और लखनऊ में भटक रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक दो'तीन दिन पहले ही वह लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्र में देखा गया था, जहां से वो बाराबंकी चला गया।


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