डॉ. हनीफ़ से माफ़ी नहीं मांगेगी ऑस्ट्रेलिया सरकार

ऑस्ट्रेलिया के एटॉर्नी जनरल रोबर्ट मैक्कलेन का कहना था कि इस समय सरकार उनसे माफ़ी नहीं माँगेगी क्योंकि डॉक्टर हनीफ़ के वकील मुआवज़े के लिए मुक़दमा कर सकते हैं और इससे मामले पर असर पड़ सकता है.
इसके पहले ऑस्ट्रेलियाई एटॉर्नी जनरल के निर्देश पर तैयार की गई रिपोर्ट में पाया गया था कि ब्रिटेन में पिछले साल नाकाम चरमपंथी हमलों में भूमिका के संदेह में हिरासत में लिए गए भारतीय डॉक्टर मोहम्मद हनीफ़ के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं हैं.
डॉक्टर हनीफ़ को लंदन और ग्लासगो में हुए एक नाकाम कार बम धमाके में शामिल होने के संदेह में 11 दिनों तक हिरासत में रखा गया था. बाद में डॉक्टर हनीफ़ के ख़िलाफ़ आरोप वापस ले लिए गए थे.
'गिरफ़्तारी ग़लत'
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी स्तरों पर ग़लतियाँ हुईं और जो सलूक डॉक्टर हनीफ़ के साथ हुआ, वो अस्वीकार्य है.
इस समय सरकार उनसे माफ़ी नहीं माँगेगी क्योंकि डॉक्टर हनीफ़ के वकील मुआवज़े के लिए मुक़दमा कर सकते हैं और इससे मामले पर असर पड़ सकता है. रोबर्ट मैक्कलेन, ऑस्ट्रेलिया के एटॉर्जी जनरल
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रिपोर्ट में सलाह दी गई है कि ऑस्ट्रेलिया को अपने आतंकवादी निरोधी क़ानूनों की समीक्षा करने की ज़रूरत है.
पिछले वर्ष जुलाई में डॉक्टर हनीफ़ को ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन एयरपोर्ट से गिरफ़्तार किया गया था और आतंकवाद के आरोप में उन्हें कई दिनों तक जेल में रखा गया था.
ऑस्ट्रेलिया सरकार ने हनीफ़ का वीज़ा निरस्त कर दिया था और वो भारत वापस आ गए थे. इस मामले पर ऑस्ट्रेलिया की पुलिस की ख़ासी किरकिरी हुई थी और उन्हें डॉक्टर हनीफ़ पर लगे आरोपों को वापस लेना पड़ा था.
ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने अपनी ग़लती के लिए उनसे माफ़ी माँगी थी और कहा था कि उनके ख़िलाफ़ आरोप नहीं लगाया जाना चाहिए था. बाद में ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत ने सरकार के फ़ैसले को उलटते हुए उनका वीज़ा भी बहाल कर दिया था.


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