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अंतुले ने सरकार को मुश्किल में डाला

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AR Antulay
नई दिल्ली, 20 दिसंबर: केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री अब्दुल रहमान अंतुले ने मुंबई आतंकवादी हमले में शहीद एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे की शहादत पर विवादास्पद बयान देकर अपनी ही सरकार को मुसीबत में डाल दिया है।

हेमंत करकरे की मौत के हालात पर संदेह जता कर अंतुले विवादों से घिरे अंतुले ने अपना इस्‍तीफा प्रधानमंत्री को भी भेज दिया है, लेकिन वो स्‍वयं इस बात की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। अंतुले का कहना है कि वो इस्‍तीफे पर न 'हां' कहेंगे और न 'नहीं'।

अंतुले ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने इस्तीफे की पेशकश कर उन्‍हें और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को असमंजस में डाल दिया है और दोनों को डर इस बात का है कि यदि अंतुले की छुट्टी कर दी गई तो बड़ी राजनीतिक उठापठक होने की संभावना है।

विवादास्पद बयान के कारण अंतुले अपनी ही पार्टी (कांग्रेस) और विपक्ष के निशाने पर हैं। हालांकि उन्‍हें संप्रग सरकार के सहयोगी दलों के कुछ नेताओं का साथ भी मिला है।

लालू, अमर सिंह का मिला समर्थन

इस्‍तीफा सौंपने की बात की पुष्टि न करने वाले अंतुले ने अपनी सरकार को खतरे में भले ही डाल दिया हो, लेकिन विवादों के बीच उन्‍हें रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव और समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह का समर्थन जरूर मिल गया है।

लालू का कहना है कि अंतुले सिर्फ इतना जानना चाह रहे थे कि आखिर हेमंत करकरे उस रास्ते कैसे चले गए, जहां उनकी मौत हो गई।

वे तो सिर्फ इतना कह रहे हैं कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि आखिर किसने करकरे को कामा अस्पताल की ओर भेजा, जहां उनकी मृत्यु हो गई।

वहीं अमर सिंह ने अंतुले को अपना अच्‍छा दोस्‍त बताते हुए उनके बाचव की कोशिश तो की, लेकिन स्‍पष्‍ट नहीं बोले। हां उन्‍होंने अंतुले के इस्तीफे की मांग का विरोध जरूर किया।

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