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नेपाल में आतंकवादियों को पकड़ने के प्रयास से भारत का इंकार

By Sridhar L
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इससे पहले पाकिस्तानी मीडिया में ये छपी खबरें भी गलत साबित हुईं थीं मुंबई हमले में शामिल एकमात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी मोहम्मद अजमल कसाब को नेपाल में दो वर्ष पहले पकड़ा गया था ।

नेपाल के सबसे बड़े दैनिक 'कांतिपुर' ने बुधवार को समाचार दिया कि भारतीय सेना का गोरखा राइफल्स का एक दल इस समय नेपाल में है। यह दल दीमा हलाम दाओघ (डीएचडी) के अध्यक्ष ज्वेल गार्लोसा को खोज रहा है। गार्लोसा पर असम और नागालैंड में सुरक्षाकर्मियों की हत्या के 100 से अधिक मामले हैं।

अखबार के अनुसार गार्लोसा ने भारत सरकार के साथ वर्ष 2003 में संघर्षविराम तोड़कर फिर से हमले आरंभ किए। गार्लोसा के इस समय नेपाल में छुपे होने की आशंका है।

इस खबर का भारतीय दूतावास ने खंडन करते हुए इसे आधारहीन और झूठा करार दिया।

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार इस तरह की खबरें भारतीय सेना के एकदल के पर्वतारोही अभियान में भाग लेने के लिए नेपाल आने के कारण पैदा हुई हैं।

उल्लेखनीय है कि ब्लैक विडो के नाम से प्रसिद्ध डीएचडी का जन्म 1996 में हुआ था। अनुमान के अनुसार इस संगठन के 400 सदस्य हैं। संगठन का उद्देश्य असम और नागालैंड में फैले दिमासा आदिवासियों के लिए दिमासालैंड का निर्माण करना है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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