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जूते चलाने वाले पत्रकार की 'पिटाई'

By Sridhar L
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जूते चलाने वाले पत्रकार की 'पिटाई'

ज़रगाम ज़ैदी ने कहा है कि उनके भाई मुंतज़िर का हाथ और पसलियाँ टूट गई हैं, एक आँख पर गंभीर चोट आई है और उन्हें आंतरिक रक्तस्राव भी हुआ है.

मुंतज़िर ज़ैदी ने जॉर्ज बुश को 'कुत्ता' कहते हुए उनके ऊपर जूते फेंके थे, इसके बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.

बीबीसी ने इस मामले में इराक़ के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई बात करने को तैयार नहीं हुआ.

इस बीच जॉर्ज बुश के ऊपर फेंके गए जूते को ख़रीदने के लिए ऊँची बोलियाँ लगाई जा रही हैं. इराक़ी फुटबॉल टीम के पूर्व कोच इन जूतों के लिए एक लाख डॉलर देने को तैयार हैं तो एक सऊदी नागरिक ने एक करोड़ डॉलर की बोली लगा दी है.

इराक़ में मुंतज़िर ज़ैदी के समर्थन में ज़ोरदार रैलियाँ निकाली गई हैं और उनकी रिहाई की माँग की जा रही है.

लीबिया के शासक मुअम्मर गद्दाफ़ी की बेटी ने कहा है कि उनकी चैरिटी मुंतज़िर ज़ैदी का सम्मान करेगी क्योंकि उन्होंने बहादुरी का परिचय दिया है.

ज़रगाम ज़ैदी ने बीबीसी को बताया कि उन्हें लगता है कि अब उनके भाई को अमरीकी सैनिक अस्पताल में ले जाया गया है, उन्होंने कहा कि अभी तक मुंतज़िर को किसी वकील से नहीं मिलने दिया गया है.

इराक़ी अधिकारियों ने कहा है कि मुंतज़िर ज़ैदी के ख़िलाफ़ इराक़ी क़ानून के तहत कार्रवाई की जाएगी, 28 वर्षीय पत्रकार के ख़िलाफ़ क्या आरोप लगाए जाएँगे यह नहीं बताया गया है.

इराक़ी वकीलों का कहना है कि ज़ैदी के ख़िलाफ़ विदेशी मेहमान के अपमान का आरोप लगाया जा सकता है जिसमें अधिकतम दो वर्ष की सज़ा का प्रावधान है.

मुंतज़िर ज़ैदी काहिरा स्थित टीवी चैनल अल बग़दादिया के रिपोर्टर हैं और जूते चलाने की घटना के बाद अरब जगत में उनकी छवि एक हीरो जैसी हो गई है.

जूते फेंकते वक़्त ज़ैदी ने कहा, "कुत्ते, इराक़ी जनता की ओर से ये रहा आख़िरी सलाम." ज़रगाम ज़ैदी ने कहा कि मुंतज़िर ने इस काम के लिए नए इराक़ी जूते ख़रीदे थे.

आलोचना भी

ऐसा नहीं है कि इराक़ में सभी लोग उनकी वाहवाही ही कर रहे हों, बग़दाद में इराक़ी पत्रकार एसोसिएशन ने मुंतज़िर की हरकत को 'ग़ैर-पेशेवराना और अजीबोगरीब' बताया है लेकिन प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी से अपील की है कि उनके साथ नरमी से पेश आएँ.

अगर उससे ग़लती हो भी गई तो सरकार और न्यायपालिका को उनकी रिहाई पर विचार करना चाहिए क्योंकि वे एक पारिवारिक व्यक्ति हैं." मुयाद अल लामी, साथी पत्रकार

अगर उससे ग़लती हो भी गई तो सरकार और न्यायपालिका को उनकी रिहाई पर विचार करना चाहिए क्योंकि वे एक पारिवारिक व्यक्ति हैं."

पत्रकार एसोसिएशन के प्रमुख मुयाद अल लामी ने कहा, "अगर उससे ग़लती हो भी गई तो सरकार और न्यायपालिका को उनकी रिहाई पर विचार करना चाहिए क्योंकि वे एक पारिवारिक व्यक्ति हैं."

मुंतज़िर ज़ैदी पिछले तीन वर्षों से अल बग़दादिया के पत्रकार रहे हैं, उनके चैनल के प्रमुख ने कहा, "ज़ैदी एक खुद्दार अरब और खुले दिमाग़ वाले नौजवान हैं. उनका पिछले शासक से कोई संबंध नहीं है, बल्कि सद्दाम हुसैन के कार्यकाल में उनके परिवार को गिरफ़्तार किया गया था."

पिछले साल नवंबर में ज़ैदी का अपहरण कर लिया गया था, तीन दिन बाद उन्हें अपहर्ताओं ने बिना किसी फिरौती के छोड़ दिया था.

अपहर्ता कौन थे यह पता नहीं चल सका, उन्होंने उनसे लगातार पूछताछ की और उनकी पिटाई भी की.

अमरीकी सैनिक अधिकारी भी इससे पहले उनसे एक बार लंबी पूछताछ कर चुके हैं.

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