• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

मंदी के दौर में एक महाघोटाला

By Staff
|
मंदी के दौर में एक महाघोटाला

कई यूरोपीय बैंकों ने कहा है कि उन्हें इस घोटाले की वजह से करोड़ों डॉलर का नुक़सान हुआ है.

इस घोटाले की ख़बर आने के बाद अमरीका के निवेशकों में भारी बेचैनी और डर का माहौल है क्योंकि अभी पक्के तौर पर कहना मुश्किल है कि इस घपले की वजह से और कितने बैंकों की हालत पतली होगी.

राष्ट्रपति बुश अमरीकी निवेशकों को आश्वस्त कर रहे हैं और अमरीकी वाहन उद्योग को आर्थिक पैकेज देने की तैयारियाँ चल रही हैं.

अमरीका का केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व इस सप्ताह ब्याज दर में कटौती करने जा रहा है लेकिन इस सबके बावजूद वाल स्ट्रीट का मुख्य सूचकांक खुलते ही एक प्रतिशत नीचे गिर गया.

जैसे-जैसे घोटाले की परतें खुल रही हैं उसका शिकार होने वाले बड़े नामों की सूची लंबी होती जा रही है. माना जा रहा है कि 50 अरब डॉलर के इस घोटाले से कई यूरोपीय बैंक प्रभावित होंगे जिनमें एचएसबी, रॉयल बैंक ऑफ़ स्कॉटलैंड, सैनटैंडेर और बीएनपी पारिबा शामिल हैं.

कैसे हुआ घपला

इस घपले के सिलसिले में एक इनवेस्टमेंट बैंकर बर्नार्ड मैडोफ़ पर अभियोग लगाया गया है, इसे बैंकिंग के इतिहास के सबसे घोटालों में गिना जा रहा है.

लोग अब अमरीका के किसी इनवेस्टमेंट फंड पर विश्वास नहीं कर सकेंगे क्योंकि अमरीका में कायदे-कानून का बिल्कुल पालन नहीं हो रहा है, यह अब तक के सबसे घोटालों में से एक है, 50 अरब डॉलर मामूली रक़म नहीं होती निकोला हॉर्लिक, निवेश बैंकर

लोग अब अमरीका के किसी इनवेस्टमेंट फंड पर विश्वास नहीं कर सकेंगे क्योंकि अमरीका में कायदे-कानून का बिल्कुल पालन नहीं हो रहा है, यह अब तक के सबसे घोटालों में से एक है, 50 अरब डॉलर मामूली रक़म नहीं होती

बर्नार्ड मैडोफ़ एक इनवेस्टमेंट फंड चलाते थे और सीरियस फ्रॉड ऑफ़िस (एसएफ़ओ) ने उनके साथ काम करने वाले सभी लोगों से कहा है कि वे आगे आकर जाँचकर्ताओं को पूरी जानकारी दें.

लंदन स्थित ब्रैमडैन इनवेस्टमेंट की निकोला हॉर्लिक कहती हैं, "लोग अब अमरीका के किसी इनवेस्टमेंट फंड पर विश्वास नहीं कर सकेंगे क्योंकि अमरीका में कायदे-कानून का बिल्कुल पालन नहीं हो रहा है, यह अब तक के सबसे घोटालों में से एक है, 50 अरब डॉलर मामूली रक़म नहीं होती."

दुनिया भर के बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने मैडोफ़ इनवेस्टमेंट में निवेश किया था लेकिन अभी पूरा विवरण नहीं आया है कि किसकी कितनी रक़म डूबी है.

मैडोफ़ का घोटाला करने का तरीक़ा काफ़ी दिलचस्प बताया जा रहा है, वे निवेशकों को जल्दी ही भुगतान करना शुरू कर देते थे लेकिन यह भुगतान लाभ की रकम से नहीं, बल्कि दूसरे निवेशकों के पैसे से किया जाता था.

घाटा उठाने वाले निजी निवेशकों में न्यूजर्सी के एक सीनेटर, स्टीवन स्पीलबर्ग और नोबेल पुरस्कार विजेता लेखिका एली विसेल भी शामिल हैं.

इस मामले में फंड मैनेजरों की भी ख़ासी आलोचना हो रही है कि उन्होंने बिना पूरी पड़ताल किए निवेशकों का पैसा ग़लत कंपनी में लगा दिया गया.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more