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आतंकवाद पर संसद में प्रस्ताव पारित

By Staff
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आतंकवाद पर संसद में प्रस्ताव पारित

प्रस्ताव को सदन के सामने रखने से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों के मन में सुरक्षा की भावना को क़ायम करना है. उन्होंने तीन बिंदुओं पर ज़ोर देकर काम करने की ज़रूरत भी बताई.

उन्होंने कहा, "पूरी दुनिया के सामने आतंकवाद एक बड़ी समस्या है और पाकिस्तान इसके केंद्र के रूप में सामने आया है. पाकिस्तान सरकार ने इस दिशा में जो कुछ किया है, उससे अधिक करने की ज़रूरत है. पाकिस्तान के अंदर चरमपंथ को बढ़ावा देने के ऐसे सभी केंद्रों को ख़त्म करना होगा. यह पूरी दुनिया के साथ ही पाकिस्तान के आम लोगों के भी हित की बात है. इसके अलावा भारत को केवल बाहर नहीं, अपने अंदर भी देखना है. पुलिस और सुरक्षा तंत्र को मज़बूत, आधुनिक बनाने की ज़रूरत है."

दिन में चर्चा के दौरान विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कड़े शब्दों में कहा था कि पाकिस्तान आतंकवादियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करे.

लोकसभा में गुरुवार को मुंबई में पिछले दिनों हुए चरमपंथी हमलों और उसके बाद खड़े हुए अहम सवालों पर चर्चा हो रही थी.

कड़ा रवैया

विदेशमंत्री ने पाकिस्तान की ज़मीन पर से काम कर रहे आतंकवादी गुटों पर कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की ईमानदारी पर सवाल उठाया और कहा कि लश्कर-ए-तैबा के प्रमुख हाफ़िज़ मोहम्मद सईद को नज़रबंद करना काफ़ी नहीं है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पूरी दुनिया के सामने आतंकवाद एक बड़ी समस्या है और पाकिस्तान इसके केंद्र के रूप में सामने आया है. पाकिस्तान सरकार ने इस दिशा में जो कुछ किया है, उससे अधिक करने की ज़रूरत है. पाकिस्तान के अंदर चरमपंथ को बढ़ावा देने के ऐसे सभी केंद्रों को ख़त्म करना होगा. यह पूरी दुनिया के साथ ही पाकिस्तान के आम लोगों के भी हित की बात है. इसके अलावा भारत को केवल बाहर नहीं, अपने अंदर भी देखना है. पुलिस और सुरक्षा तंत्र को मज़बूत, आधुनिक बनाने की ज़रूरत है

पूरी दुनिया के सामने आतंकवाद एक बड़ी समस्या है और पाकिस्तान इसके केंद्र के रूप में सामने आया है. पाकिस्तान सरकार ने इस दिशा में जो कुछ किया है, उससे अधिक करने की ज़रूरत है. पाकिस्तान के अंदर चरमपंथ को बढ़ावा देने के ऐसे सभी केंद्रों को ख़त्म करना होगा. यह पूरी दुनिया के साथ ही पाकिस्तान के आम लोगों के भी हित की बात है. इसके अलावा भारत को केवल बाहर नहीं, अपने अंदर भी देखना है. पुलिस और सुरक्षा तंत्र को मज़बूत, आधुनिक बनाने की ज़रूरत है

उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान से 40 भगोड़ों को सौंपने के लिए कहा है. विदेश मंत्री कि भारत ने पाकिस्तान से यह भी कहा है कि वह अपने देश में आतंकवादियों की संरचना को ख़त्म करने के लिए सकारात्मक क़दम उठाए.

लोकसभा में मुंबई हमलों पर हो रही चर्चा के दौरान प्रणव मुखर्जी ने कहा, "हमने पाकिस्तान को 40 लोगों की सूची दी है जिन्हें भारत में आपराधिक या आतंकवादी गतिविधियों के लिए दोषी ठहराया गया है." इन 40 लोगों में माफ़िया सरगना दाउद इब्राहिम भी शामिल है.

उन्होंने पाकिस्तान के उस दावे को ख़ारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि आतंकवादियों का सरकार से कोई लेना-देना नहीं है, इन हमलावरों के लिए पाकिस्तान 'नॉन स्टेट एक्टर' शब्द का इस्तेमाल करता है.

पाकिस्तान का बिना नाम लिए हुए प्रणव मुखर्जी ने कहा, "क्या नॉन स्टेट एक्टर आसमान से टपकते हैं, क्या ये दूसरे ग्रह से आते हैं? ऐसे तत्व देश की ज़मीन से ही काम करते हैं."

कठोर क़दमों का इंतज़ार

भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम के अनुसार दक्षिण एशिया में 'आतंकवाद का तूफ़ान' चल रहा है और आने वाले दिनों में कुछ कठोर कदमों की घोषणा होगी.

चिदंबरम ने साफ़ किया, "हमलावर दस पाकिस्तानी नागरिक थे जो 23 नवंबर को कराची से चले थे. इन हमलों में 164 आम नगरिक और नौ हमलावर मारे गए और 307 घायल हो गए. अब इसमें कोई शक़ नहीं कि हमलावर पाकिस्तान से आए थे."

विदेशमंत्री ने चरमपंथ के मुद्दे पर कड़ा बयान दिया है

चिदंबरम ने कहा, "केंद्रीय जाँच एजेंसी बनाने के साथ-साथ, उन्हें आधुनिक हथियार उपलब्ध कराए जाएँगे, भारत रिज़र्व बटालियन बनाई जाएँगी और काला धन बाहर से यहाँ न आ पाए इसके लिए क़ानून में संशोधन किया जाएगा. इस स्थिति का सामना करने के लिए अगले कुछ दिनों में कड़े कदमों के लिए तैयार रहें."

'युद्ध जैसी स्थिति'

भारत में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि 'ये दुनिया और देश के दुश्मनों को संदेश देने का वक्त है. ये युद्ध की स्थिति है और इसमें सत्तापक्ष और विपक्ष, सभी एक हैं.'

आडवाणी का कहना था, "हमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कोई ख़ास उम्मीद नहीं है क्योंकि हम देख चुके हैं कि कश्मीर के संदर्भ में इसका कोई फ़ायदा नहीं हुआ. यदि हमनें ख़ुद ही कुछ किया होता तो समस्या का हल अब तक हो चुका होता. "

उनका कहना था कि भारत को पाकिस्तान से आने वाली ख़बरें कि वहाँ चरमपंथियों या संगठनों के ख़िलाफ़ किसी तरह का ऑपरेशन चल रहा है, पर भरोसा नहीं करना चाहिए.

विपक्ष के नेता ने ज़ोर देकर कहा, "ये आतंकवाद नहीं, सीमापार आतंकवाद है, इस पर विजय पाना मुश्किल नहीं और हम विजय पाकर ही रहेंगे. पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने नॉन स्टेट एक्टर की बात की है लेकिन ये क्या होता है? "

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार कोई कठोर कदम उठाए और यदि भारत सरकार ऐसा करती है तो पूरा विपक्ष, पूरा एनडीए उसके साथ खड़ा होगा.

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