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संसद सत्र में आतंकवाद रहेगा मुद्दा

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दस दिनों का यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और पाकिस्तान के बीच मुंबई हमलों को लेकर तनातनी की स्थिति बनी हुई है और दूसरी तरफ़ पांच राज्यों के चुनावों के मिश्रित परिणाम आए हैं.

कांग्रेस तीन और बीजेपी दो राज्यों में जीती है. संसद सत्र के दौरान जहां कांग्रेस इस बात पर ज़ोर दे सकती है कि बीजेपी का आतंकवाद का मुद्दा विधानसभा चुनावों में कुछ नहीं कर पाया.

दूसरी तरफ़ सरकार मुंबई हमलों के बाद आतंकवाद के ख़िलाफ़ नियम कड़े करते हुए प्रस्तावित संघीय जांच ब्यूरो के लिए क़ानून ढांचे को मंजूरी दे सकती है.

माना जा रहा है कि संघीय जांच ब्यूरो को मंजूरी इस दस दिवसीय सत्र की मुख्य उपलब्धि हो सकती है.इस संबंध में नए गृह मंत्री पी चिदंबरम विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाक़ात भी कर चुके हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता और गृह राज्य मंत्री शकील अहमद ने उम्मीद जताई है कि इस सत्र में संघीय जांच ब्यूरो को हरी झंडी मिल जाएगी.

प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति की मुलाक़ात

संसद का सत्र शुरु होने से पहले भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार शाम राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाक़ात की है.

राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता ने बताया कि बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति को मुंबई की घटनाओं और आंतरिक सुरक्षा के बारे में जानकारी दी. इसके अलावा संसद के आगामी सत्र और अन्य मुद्दों पर भी बातचीत हुई.

मुंबई में 26 नवंबर को हुए चरमपंथी हमलों के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति के बीच ये पहली मुलाकात थी.जिस समय ये हमले हुए थे उस समय राष्ट्रपति पाटिल इंडोनेशिया और वियतनाम के दौरे पर थीं.

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