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विस चुनाव: मध्यप्रदेश में छिटपुट हिंसा के बीच 60 प्रतिशत से अधिक मतदान (राउंडअप)

By Staff
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भोपाल 27 नवंबर (आईएएनएस) मध्यप्रदेश की 13वीं विधान सभा के लिए हुआ मतदान चंबल और बुन्देलखंड की छिटपुट हिंसा के नाम रहा। चंबल में जहां कुछ स्थानों पर फायरिंग हुई वहीं बुन्देलखंड में भाजपा उम्मीदवार तथा पूर्व मंत्री सुनील नायक को गोली मार दी गई, जिससे बाद में उनकी मौत हो गई। कहीं-कहीं इलैक्ट्रानिक मशीनों को तोड़ा गया तो कहीं जोर जबरदस्ती से मतदान करने की कोशिश भी की गई। इन स्थितियों के बीच 60 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने वोट डाले।

राज्य की 230 सीटों के लिए गुरुवार को मतदान हुआ। चारों प्रमुख दल भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा के अलावा भारतीय जनशक्ति पार्टी व गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के अलावा बड़ी तादाद में निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं। हर तरफ से चली जोर आजमाईश के चलते चुनाव ने विवाद का रूप तक ले लिया।

मतदान से पहले जहां चुनाव प्रचार को लेकर चंबल और बुन्देलखंड के इलाके में कई स्थानों पर झगड़े हुए उसका असर मतदान के दौरान भी नजर आया। मुरैना के सुमावली में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई और गोली भी चली। मुरैना में तो कांग्रेस और बसपा के कार्यकर्ता जमकर भिड़ पड़े। दोनों ओर से गोलियां चली और पुलिस को लाठी चार्ज करके उन्हें खदेड़ना पड़ा। भिन्ड के लहार और अटेर विधानसभा क्षेत्र पर कई स्थानों पर मारपीट और झड़पें होने की खबरें हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ज़े एस़ माथुर ने भी माना है कि भिन्ड और मुरैना में विवाद की स्थितियां बनी है।

बुन्देलखंड के टीकमगढ़ के पृथ्वीपुर विधानसभा क्षेत्र में तो कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता कुछ इस तरह भिड़े कि नौबत फायरिंग तक पहुंच गई। दोनों ओर से हुई फायरिंग में घायल हुए पूर्व मंत्री और भाजपा उम्मीदवार सुनील नायक की बाद में मौत हो गई। टीकमगढ़ में फर्जी मतदान हुआ और मतदान केन्द्रों पर हुई गड़बड़ी के खिलाफ भारतीय जनशक्ति पार्टी की संस्थापक अध्यक्ष उमा भारती धरने पर बैठ गई।

इतना ही नहीं भिन्ड, मुरैना, शिवपुरी और टीकमगढ़ में मतदान केन्द्रों पर जबरन मतदान करने की कोशिश हुई और वोटिंग मशीनों को तोड़ दिया गया। मुरैना में राज्य सरकार के मंत्री रूस्तम सिंह के पीठासीन अधिकारी से अभद्र व्यवहार किए जाने का भी मामला सामने आया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक भी इस घटना की जानकारी पहुंची है।

कुछ स्थानों पर समस्याओं से त्रस्त मतदाताओं ने मतदान का बहिष्कार तक किया। प्रदेश के छह विधान सभा क्षेत्रों त्योंथर, चंदेरी, टिमरनी, देवास, दतिया, उज्जैन के एक-एक मतदान केन्द्र पर एक भी वोट नहीं पड़ा। माथुर ने माना है कि बिजली सहित अन्य समस्याओं से परेशान मतदाताओं ने इन मतदान केन्द्रों पर वोट नहीं डाले हैं।

चंबल और बुन्देलखंड में हुई हिंसक घटनाओं को छोडकर पूरे प्रदेश में मतदान शान्तिपूर्ण रहा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भी यह मानते हैं कि चंबल क्षेत्र में मतदान के दौरान विवाद की खबरें उन तक पहुंची है, वहीं दूसरी ओर अन्य स्थानों से शान्तिपूर्वक मतदान की सूचना है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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