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ओसामा के ड्राइवर को यमन भेजा

By Staff
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हमादान को नंवबर 2001 में अफ़ग़ानिस्तान में गिरफ़्तार किया गया था
अमरीका ने ओसामा बिन लादेन के ड्राइवर रह चुके सलीम हमादान को ग्वांतानामो बे से उनके पैतृक देश यमन भेज दिया है.

ग़ौरतलब है कि हमादान को मिली 66 महीने की सज़ा 28 दिसंबर को ख़त्म हो रही है. हमादान साढ़े पाँच साल की सज़ा पहले ही काट चुके हैं.

लगभग 40 वर्षीय हमादान को नंवबर 2001 में अफ़ग़ानिस्तान में पकड़ा गया था और उन्हें चरमपंथियों को साज़ो-सामान से सहायता पहुँचाने के जुर्म में सज़ा दी गई थी.

अभियोजन पक्ष ने हमादान के लिए कम से कम 30 साल की सज़ा की माँग की थी. उस समय अमरीकी रक्षा मंत्रालय का कहना था कि उन्हें 'शत्रु लड़ाके' के रुप में हिरासत में रखा जाएगा.

चरमपंथ से लड़ाई

अमरीका हमेशा से कहता रहा है कि वह ऐसे लोगों को तब तक हिरासत में रख सकता है जब तक चरमपंथ से उसकी लड़ाई जारी है.

बुश प्रशासन ने हाल ही में हमादान के सज़ा की अवधि बढ़ाने की कोशिश की थी.

हमादान ने 1997 से 2001 तक 200 डॉलर महीने के वेतन पर अफ़ग़ानिस्तान में ओसामा के लिए काम करना स्वीकार किया था.

लेकिन उनका कहना था कि वे काम पैसे की ख़ातिर करते थे, अमरीका के साथ जंग के लिए नहीं.

इस मामले की सुनवाई के दौरान ट्राइब्यूनल ने इन आरोपों का ख़ारिज किया था कि हमादान ने और लोगों के साथ मिलकर अल क़ायदा के हमलों को अंजाम देने की साजिश रची थी. इनमें 11 सितंबर 2001 को अमरीका में हुए हमले भी शामिल हैं.

क्यूबा स्थित ग्वांतानामो बे जेल में क़रीब 270 संदिग्ध अपराधियों को बंदी बना कर रखा गया है. इनमें से कई कैदियों पर 9/11 को किए गए हमलों की साजिश रचने का आरोप है.

मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि ट्राइब्यूनल प्रणाली अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा नहीं करती और इसे ख़त्म किया जाना चाहिए.

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