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लाखों लोगों के वेतन में होगी कटौतीः आईएलओ

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जेनेवास 26 नवम्बरः वैश्विक आर्थिक संकट के कारण वर्ष 2008-09 में दुनिया भर में लाखों श्रमिकों के वास्तविक वेतन में कटौती की जा सकती है। यह कहना है अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की एक रिपोर्ट का।

रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व के कई प्रमुख देशों में वेतन असमानता बढी है। आईएलओ की वैश्विक वेतन रिपोर्ट 2008-09 के अनुसार आने वाले साल में विश्व स्तर पर श्रमिकों में वेतन को लेकर तनाव बढेगा।

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के नए विकास आंकड़ों पर आधारित आईएलओ की रिपोर्ट में यह भी पूर्वानुमान लगाया गया है कि 2009 में वास्तविक वेतन में वैश्विक वृद्धि 2008 के 1.7 प्रतिशत की तुलना में गिरकर 11 प्रतिशत होगी. लेकिन प्रमुख अर्थव्यवस्था वाले विकसित और विकासशील देशों में वेतन कटौती की संभावना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह निराशाजनक परिदृश्य ऐसे समय पर उभर रहा है जब वेतन आर्थिक वृद्धि से पिछडे रहे हैं1 रिपोर्ट के अनुसार 1995 और 2007 के बीच सकल घरेलू उत्पाद में एक प्रतिशत वार्षिक वृद्धि पर प्रति व्यक्ति वेतन में वार्षिक वृद्धि औसतन 0.75 प्रतिशत रही।

इससे विश्व के एक तिहाई देशों में सकल घरेलू उत्पाद में श्रमिकों का हिस्सा लगातार गिरा है जबकि 2001 और 2007 के बीच मुद्रास्फीति दर कम रहने के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था 4.0 प्रतिशत वार्षिक दर से बढी लेकिन वेतन वृद्धि में गिरावट आई और यह विश्व के लगभग आधे देशों में दो प्रतिशत प्रतिवर्ष से कम रही1

अधिकांश विकसित तथा लातीनी अमरीकी देशों में वास्तविक वेतन में हर वर्ष लगभग एक प्रतिशत या उससे भी कम वृद्धि हुई जबकि चीन. रूस और अन्य कई प्रमुख देशों में वृद्धि दर 10 प्रतिशत या उससे भी अधिक रही1

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