शिवसेना-मनसे पर अफवाहों का बाजार गर्म

राज ठाकरे रविवार को अपने चाचा बाल ठाकरे से मिले। दोनों के बीच क्या बात हुई, इस बात का खुलासा मीडिया के सामने नहीं किया गया। मीडिया को सिफ इतना बताया गया कि राज सिफ बाला साहब के स्वास्थ्य का हालचाल लेने पहुंचे थे।
इसके अलावा दोनों ने कार्टून पर चर्चा की। बाला साहब और राज दोनों ही अच्छे कार्टूनिस्ट हैं। मुलाकात के बारे में राज ने कहा कि उनके चाचा ने सुबह फोन पर पुरानी किताबें भेजने की बात कही थी। जिस पर उन्होंने किताबें पहुंचाने की पेशकश की और मातोश्री चले गये। राज ने इस मुलाकात पर खुशी जताई।
2006 में मनसे के गठन के बाद बाला साहब से राज की यह पहली मुलाकात थी। इस मुलाकात के बाद सबस बड़ी चर्चा राजनीतिक हलचल की है। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता इसे राजनीति में एक बड़ा मोड़ आने के संकेत बता रहे हैं। वहीं दोनों संगठनों के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि इस मुलाकात का प्रभाव सेना और मनसे के कार्यकर्ताओं पर पड़ेगा।
गौरतलब है कि राज ने इससे पहले बाला साहब से 23 जनवरी 2006 को उनके जन्मदिन पर मुलाकात की थी। दो साल पहले बाला साहब ने शिवसेना की एक बैठक में सार्वजनिक रूप से राज को डांटा था और कहा था कि उन्हें उनके नाम एवं फोटोग्राफ का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।
पिछले दो साल में चाचा-भतीजे के बीच सिर्फ कभी-कभार फोन पर बात करते थे या फिर जन्मदिनों पर तोहफे का आदान-प्रदान करते रहे। राज ने 18 दिसंबर 2005 को घोषणा की थी कि वह शिवसेना छोड़ रहे हैं और 2006 में उन्होंने मनसे का गठन किया।
राज ने 27 नवंबर 2005 को उद्धव की कटु आलोचना करते हुए शिवसेना के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। उस दौरान राज ने कहा था कि उन्हें सम्मान की उम्मीद थी, लेकिन शिवसेना से उन्हें तिरस्कार मिला।


Click it and Unblock the Notifications